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Mahoba News: यूरिया वितरण में मनमानी से भड़के किसानों का हंगामा
Wed, 17 Dec 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:12 AM IST
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फोटो 16 एमएएचपी 15 परिचय-यूरिया खाद को लेकर हंगामा कर रहे किसानों को समझाती पुलिस। संवाद
- फोटो : 1
पनवाड़ी (महोबा)। जिले में यूरिया खाद को लेकर मारामारी मची है। मंगलवार को पीसीएफ केंद्र पाठकपुरा में खाद वितरण में मनमानी से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। टोकन मिलने के बाद भी खाद न दिए जाने से भड़के किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे समिति में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानोंं को समझाकर शांत कराते हुए खाद वितरण शुरू कराया। तब मामला शांत हुआ।
पीसीएफ केंद्र पाठकपुरा में खाद वितरण की सूचना पर सुबह से बजे से ही आसपास के कई गांवों के किसान पहुंच गए। लंबी-लंबी कतारों में लगे किसान अपनी बारी का इंतजार करने लगे। टोकन के हिसाब से प्रत्येक किसान को दो-दो बोरी खाद वितरण शुरू किया गया। दोपहर बाद खाद वितरण बंद कर दिया। टोकन होने के बाद भी खाद न मिलने पर किसान भड़क गए और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसान दिनेश, रामदीन, पप्पू आदि का कहना था कि चहेतों को पहले खाद दी जा रही है। टोकन मिलने के बाद भी वह घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन खाद नहीं मिली। वह कई दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। समय से खाद न मिलने से उनकी फसल की पैदावार प्रभावित होगी। किसानों के हंगामे की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समिति के बाहर हो-हल्ला कर रहे किसानों को शांत कराते हुए खाद का वितरण शुरू कराया। समिति के सचिव मनोज कुमार का कहना है कि एक हजार बोरी यूरिया का स्टॉक था। प्रत्येक किसान को दो-दो बोरी खाद दी गई। सर्वर न आने पर कुछ देर के लिए खाद वितरण रुका रहा। इससे किसान हो-हल्ला मचाने लगे।
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अनियमितता मिलने पर तीन निजी दुकानों को नोटिस
महोबा। जिले में यूरिया खाद को लेकर मची मारामारी के बीच लाइसेंस धारक निजी दुकानदार भी महंगे दाम पर खाद बेच रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों पर डीएम गजल भारद्वाज ने तीनों तहसीलों में टीमों का गठन किया है। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि निजी दुकानों की नियमित जांच की जा रही है। मंगलवार को कुलपहाड़ व पनवाड़ी में निजी खाद की दुकानों का निरीक्षण किया गया। अभिलेखों का रख-रखाव सही न मिलने पर दोनों दुकानोंं को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी तरह चरखारी क्षेत्र की एक दुकान बंद मिली। जिससे जबाव-तलब किया गया है। सही जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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पीसीएफ केंद्र पाठकपुरा में खाद वितरण की सूचना पर सुबह से बजे से ही आसपास के कई गांवों के किसान पहुंच गए। लंबी-लंबी कतारों में लगे किसान अपनी बारी का इंतजार करने लगे। टोकन के हिसाब से प्रत्येक किसान को दो-दो बोरी खाद वितरण शुरू किया गया। दोपहर बाद खाद वितरण बंद कर दिया। टोकन होने के बाद भी खाद न मिलने पर किसान भड़क गए और कर्मचारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। किसान दिनेश, रामदीन, पप्पू आदि का कहना था कि चहेतों को पहले खाद दी जा रही है। टोकन मिलने के बाद भी वह घंटों लाइन में लगे रहे लेकिन खाद नहीं मिली। वह कई दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं। समय से खाद न मिलने से उनकी फसल की पैदावार प्रभावित होगी। किसानों के हंगामे की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। समिति के बाहर हो-हल्ला कर रहे किसानों को शांत कराते हुए खाद का वितरण शुरू कराया। समिति के सचिव मनोज कुमार का कहना है कि एक हजार बोरी यूरिया का स्टॉक था। प्रत्येक किसान को दो-दो बोरी खाद दी गई। सर्वर न आने पर कुछ देर के लिए खाद वितरण रुका रहा। इससे किसान हो-हल्ला मचाने लगे।
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अनियमितता मिलने पर तीन निजी दुकानों को नोटिस
महोबा। जिले में यूरिया खाद को लेकर मची मारामारी के बीच लाइसेंस धारक निजी दुकानदार भी महंगे दाम पर खाद बेच रहे हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों पर डीएम गजल भारद्वाज ने तीनों तहसीलों में टीमों का गठन किया है। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि निजी दुकानों की नियमित जांच की जा रही है। मंगलवार को कुलपहाड़ व पनवाड़ी में निजी खाद की दुकानों का निरीक्षण किया गया। अभिलेखों का रख-रखाव सही न मिलने पर दोनों दुकानोंं को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसी तरह चरखारी क्षेत्र की एक दुकान बंद मिली। जिससे जबाव-तलब किया गया है। सही जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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