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पेयजल आपूर्ति ठप होने से हाय तौबा
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Thu, 06 Aug 2015 11:21 PM IST
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शहर में पिछले एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से पानी के लिए हायतौबा मची पड़ी है। वहीं दो दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पेयजलापूर्तिं समस्या को लेकर एक दर्जन से ज्यादा महिलाएं जल संस्थान कार्यालय जा धमकी। जहां विभाग ने टैंकर भिजवाने का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत कराया।
शहरियों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2010 में 36 करोड़ की लागत से बनाई गई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत कलेक्ट्रेट जोन में 2050 केएल, समदनगर में 3100 केएल, मदनसागर में 1750 केएल के सीडब्ल्यूआर टैंक बनाए गए थे, जबकि कीरत सागर में 1750 केएल का ओवरहेड टैंक बनाया गया था। जिससे शहर में भरपूर पानी की आपूर्ति की जाती थी। वहीं पानी के शोधन के लिए श्रीनगर में जलशोधन प्लांट बनाया गया था। जहां से पानी फिल्टर करके महोबा के चारो टैंकों में भेजे जाने की योजना थी। परियोजना बनकर तैयार हो गई, लेकिन उर्मिल बांध से टैंकों में पानी न भर पाने के कारण शहर में पानी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। गुरुवार को पेयजल समस्या से आजिज आ चुके लोगों ने घड़े, डिब्बे लेकर सड़क पर बैठ कर गुस्से का इजहार किया। उर्मिल बांध से शहर में बनाए गए सीडब्ल्यूआर और ओवरहेड टैंकों में पानी भरने की जिम्मेदारी जल निगम यांत्रिक शाखा को सौंपी गई है। उर्मिल बांध में लगे चार पंपों में से दो पंप खराब हो गए। इसी तरह श्रीनगर फिल्टर प्लांट के पांच में से दो पंप काम नहीं कर रहे हैं, जिससे टैंकों में पानी कम पहुंचने से शहर में पानी को लेकर हायतौबा मची हुई है। हालत यह है कि 1500 केएल के सापेक्ष एक सप्ताह से 100 से 300 केएल ही पानी टैंकों में पहुंच पा रहा है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा गई है। जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए पानी को तरस रहे है। गुरुवार को पेयजल आपूर्ति से आजिज आ चुकी महिलाओं ने जल संस्थान कार्यालय पहुुंचकर आपूर्ति की मांग की। अधिकारियों ने पानी को टैंक भेजने का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत कराया।
टैँकरों से की जा रही सप्लाई
शहर में दो दिनों से पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से हैंडपंपों और कुओं में सारा दिन भीड़ जु़टी रही। पानी की आपूर्ति न हो पाने पर शहर में गुरुवार को टैँकरों से पानी मोहल्ले-मोहल्ले पहुुंचाया गया। टैंकर आते ही लोगों की भीड़ जुट पड़ी। शहर के मकनियापुरा, दरियापुरा, नयापुरा, नैकानापुरा सहित तमाम मोहल्लों में पानी के लिए टैंकर भेजे गए।
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जल संस्थान ने किए हाथ खड़े
जल निगम के अलावा शहर में जल संस्थान द्वारा भी पानी की आपूर्ति की जाती है। जल संस्थान का मनियादेव में 850 केएल का बना सीडब्ल्यूआर टैंक भी इस समय खुद प्यासा है। कारण, जल संस्थान मदन सागर से पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन इस साल मदन सागर के सूख जाने के कारण जल संस्थान ने पानी की आपूर्ति करने में हाथ खड़े कर दिया हैं। जल निगम द्वारा भी जल संस्थान का भी टैंक नहीं भर पा रहा है।
इंसेट
उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति जल निगम सिविल शाखा द्वारा की जाती है। जबकि टैंकों में पानी भरने की जिम्मेदारी जल निगम यांत्रिक शाखा की है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से शहर में चार स्थानों पर बनाए गए टैंकों में 1500 केएल के सापेक्ष 300 केएल पानी ही आ रहा है। गुरुवार को मात्र 100 केएल पानी आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। जबकि शहर में 5250 कनेक्शन हैं।
एमपी वर्मा
अवर अभियंता जल संस्थान, महोबा
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शहरियों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2010 में 36 करोड़ की लागत से बनाई गई महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना के तहत कलेक्ट्रेट जोन में 2050 केएल, समदनगर में 3100 केएल, मदनसागर में 1750 केएल के सीडब्ल्यूआर टैंक बनाए गए थे, जबकि कीरत सागर में 1750 केएल का ओवरहेड टैंक बनाया गया था। जिससे शहर में भरपूर पानी की आपूर्ति की जाती थी। वहीं पानी के शोधन के लिए श्रीनगर में जलशोधन प्लांट बनाया गया था। जहां से पानी फिल्टर करके महोबा के चारो टैंकों में भेजे जाने की योजना थी। परियोजना बनकर तैयार हो गई, लेकिन उर्मिल बांध से टैंकों में पानी न भर पाने के कारण शहर में पानी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। गुरुवार को पेयजल समस्या से आजिज आ चुके लोगों ने घड़े, डिब्बे लेकर सड़क पर बैठ कर गुस्से का इजहार किया। उर्मिल बांध से शहर में बनाए गए सीडब्ल्यूआर और ओवरहेड टैंकों में पानी भरने की जिम्मेदारी जल निगम यांत्रिक शाखा को सौंपी गई है। उर्मिल बांध में लगे चार पंपों में से दो पंप खराब हो गए। इसी तरह श्रीनगर फिल्टर प्लांट के पांच में से दो पंप काम नहीं कर रहे हैं, जिससे टैंकों में पानी कम पहुंचने से शहर में पानी को लेकर हायतौबा मची हुई है। हालत यह है कि 1500 केएल के सापेक्ष एक सप्ताह से 100 से 300 केएल ही पानी टैंकों में पहुंच पा रहा है, जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा गई है। जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए पानी को तरस रहे है। गुरुवार को पेयजल आपूर्ति से आजिज आ चुकी महिलाओं ने जल संस्थान कार्यालय पहुुंचकर आपूर्ति की मांग की। अधिकारियों ने पानी को टैंक भेजने का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत कराया।
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टैँकरों से की जा रही सप्लाई
शहर में दो दिनों से पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से हैंडपंपों और कुओं में सारा दिन भीड़ जु़टी रही। पानी की आपूर्ति न हो पाने पर शहर में गुरुवार को टैँकरों से पानी मोहल्ले-मोहल्ले पहुुंचाया गया। टैंकर आते ही लोगों की भीड़ जुट पड़ी। शहर के मकनियापुरा, दरियापुरा, नयापुरा, नैकानापुरा सहित तमाम मोहल्लों में पानी के लिए टैंकर भेजे गए।
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जल संस्थान ने किए हाथ खड़े
जल निगम के अलावा शहर में जल संस्थान द्वारा भी पानी की आपूर्ति की जाती है। जल संस्थान का मनियादेव में 850 केएल का बना सीडब्ल्यूआर टैंक भी इस समय खुद प्यासा है। कारण, जल संस्थान मदन सागर से पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन इस साल मदन सागर के सूख जाने के कारण जल संस्थान ने पानी की आपूर्ति करने में हाथ खड़े कर दिया हैं। जल निगम द्वारा भी जल संस्थान का भी टैंक नहीं भर पा रहा है।
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उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति जल निगम सिविल शाखा द्वारा की जाती है। जबकि टैंकों में पानी भरने की जिम्मेदारी जल निगम यांत्रिक शाखा की है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से शहर में चार स्थानों पर बनाए गए टैंकों में 1500 केएल के सापेक्ष 300 केएल पानी ही आ रहा है। गुरुवार को मात्र 100 केएल पानी आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। जबकि शहर में 5250 कनेक्शन हैं।
एमपी वर्मा
अवर अभियंता जल संस्थान, महोबा