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ओशो के मृत्यु विवाद की हो निष्पक्ष जांच- स्वामी अंतर्यात्री

Sun, 19 Jan 2020 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2020 11:33 PM IST
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demand for investigation
महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 571 दिन से अनशन पर बैठे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर व उनके सहयोगियों ने रविवार को अनशन स्थल पर ओशो की पुण्यतिथि मनाई और उनकी मृत्यु पर छिड़े विवाद को शांत करने के लिए केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी।
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ओशो की पुण्यतिथि पर तमाम ओशोप्रेमी अपने गुरु को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए अनशन स्थल पहुंचे। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ओशो संयासी हैं और स्वामी अंतर्यात्री उनका संन्यास का नाम है। रविवार को उन्होंने अपने साथियों के साथ सबसे पहले ओशो की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। कहा कि ओशो की मृत्यु पूना आश्रम में 19 जनवरी, 1990 को संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई थी। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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स्वामी अंतर्संतोष ने कहा कि जो तथ्य उभरकर सामने आ रहे हैं, उससे सभी ओशो प्रेमी दुखी हैं। देश भर में ओशो के करोड़ों प्रेमी हैं। ओशो के निजी चिकित्सक डॉ. गोकुल गोकाणी आरोप लगा चुके हैं कि ओशो की मृत्यु के वक्त मैं आश्रम में मौजूद था लेकिन मुझे मिलने नहीं दिया गया। ओशो की मां भी वहीं थीं, उनको भी नहीं मिलने दिया गया। पुणे के सन्यासी योगेश ठक्कर ने मौत की निष्पक्ष जांच के लिए 2017 में मुंबई हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की। इस मौके पर डॉ. प्रभु दयाल, दीपेंद्र सिंह परिहार, सौरभ गुप्ता, कल्लू चौरसिया, अमरचंद विश्वकर्मा, इकबाल, हरगोविंद, अजय बरसैंया मौजूद रहे।
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