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कर्ज से परेशान कृषक की सदमे से मौत
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Fri, 25 Dec 2015 11:24 PM IST
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ग्राम बिलरही में आर्थिक तंगहाली और कर्ज से परेशान विकलांग किसान की खेत में सदमे से मौत हो गई। कृषक की मौत पर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
जिले में दैवीय आपदा और तबाही से बर्बाद किसान खेतों की बुवाई न होने के कारण आर्थिक तंगहाली और कर्ज से परेशान है। थाना श्रीनगर के ग्राम बिलरही में गुप्ता खोड़ा में खेत पर परिवार के साथ पांच एकड़ खेती से गुजर बसर पर आश्रित विकलांग कृषक मकुंदी (65) पुत्र मुरली कोरी की खेत पर सदमे से मौत हो गई। मृतक की विकलांग पत्नी जग्गी और पुत्र विकाश ने बताया कि इस वर्ष बारिश न होने से खेतों की बुवाई नही हो पाई।
उन्होंने बताया कि चार साल पहले लिया गया इलाहाबाद बैंक, भूमि विकास बैंक और साधन सहकारी समिति का करीब सात लाख रुपया कर्ज बकाया था। उन्होंने बताया कि खेत में बुवाई न होने पाने से कर्ज की अदायगी नही हो रही थी जिससे परिवार की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाने के कारण वह कई दिनों से चिंतित थे।
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कृषक की मौत की जानकारी पाकर सदर उपजिलाधिकारी सुनील प्रताप सिंह और तहसीलदार नन्हकू ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। उन्होंने मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की जांच कराते हुए संभव सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। मामले की हल्का लेखपाल ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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जिले में दैवीय आपदा और तबाही से बर्बाद किसान खेतों की बुवाई न होने के कारण आर्थिक तंगहाली और कर्ज से परेशान है। थाना श्रीनगर के ग्राम बिलरही में गुप्ता खोड़ा में खेत पर परिवार के साथ पांच एकड़ खेती से गुजर बसर पर आश्रित विकलांग कृषक मकुंदी (65) पुत्र मुरली कोरी की खेत पर सदमे से मौत हो गई। मृतक की विकलांग पत्नी जग्गी और पुत्र विकाश ने बताया कि इस वर्ष बारिश न होने से खेतों की बुवाई नही हो पाई।
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उन्होंने बताया कि चार साल पहले लिया गया इलाहाबाद बैंक, भूमि विकास बैंक और साधन सहकारी समिति का करीब सात लाख रुपया कर्ज बकाया था। उन्होंने बताया कि खेत में बुवाई न होने पाने से कर्ज की अदायगी नही हो रही थी जिससे परिवार की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाने के कारण वह कई दिनों से चिंतित थे।
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कृषक की मौत की जानकारी पाकर सदर उपजिलाधिकारी सुनील प्रताप सिंह और तहसीलदार नन्हकू ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। उन्होंने मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए मामले की जांच कराते हुए संभव सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। मामले की हल्का लेखपाल ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है।