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एंबुलेंस में घंटों तड़पती रही प्रसूता, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:23 PM IST
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जिला महिला अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में तड़पती प्रसूता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला 2 घंटे तक एंबुलेंस में दर्द से तड़पती रही। परिजनों के प्राईवेट एंबुलेंस करने के रुपये नहीं थे। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए 108 एंबुलेंस से छतरपुर चलने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन एंबुलेंस चालक ने दूसरे प्रदेश के चलते जाने से मना कर दिया। बाद में परिजन प्रसूता को मेडिकल कॉलेज झांसी ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिकहरा निवासी रीना पत्नी कालीदीन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार को जिला महिला अस्पताल लाए जहां रीना ने नवजात शिशु को जन्म दिया। शिशु को जन्म देने के बाद रीना की हालत बिगड़ गई तो डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज झंासी के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने जब उसे दर्द से तड़पते देखा तो उसे तुरंत इलाज के लिए छतरपुर ले जाने लगे, लेकिन 108 नंबर एंबुलेंस के कर्मचारियों ने मध्यप्रदेश जाने से मना कर दिया। परिजनों के पास प्राइवेट एंबुलेंस के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं थी। प्रसूता के परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वार्ष्णेय और महिला सीएमएस से मदद मांगी फिर भी कोई सहायता नहीं मिली।
इस दौरान करीब दो घंटे तक एंबुलेंस में लेटी महिला दर्द से कराहती रही। बाद में परिजन महिला को उसी 108 नंबर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज झांसी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिकहरा निवासी रीना पत्नी कालीदीन को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सोमवार को जिला महिला अस्पताल लाए जहां रीना ने नवजात शिशु को जन्म दिया। शिशु को जन्म देने के बाद रीना की हालत बिगड़ गई तो डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज झंासी के लिए रेफर कर दिया। परिजनों ने जब उसे दर्द से तड़पते देखा तो उसे तुरंत इलाज के लिए छतरपुर ले जाने लगे, लेकिन 108 नंबर एंबुलेंस के कर्मचारियों ने मध्यप्रदेश जाने से मना कर दिया। परिजनों के पास प्राइवेट एंबुलेंस के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं थी। प्रसूता के परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वार्ष्णेय और महिला सीएमएस से मदद मांगी फिर भी कोई सहायता नहीं मिली।
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इस दौरान करीब दो घंटे तक एंबुलेंस में लेटी महिला दर्द से कराहती रही। बाद में परिजन महिला को उसी 108 नंबर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज झांसी ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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