महोबा। गुरु गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार को भक्तों ने गोरखगिरि की परिक्रमा लगाई। इस दौरान भक्त रामधुन गाते चलते रहे। परिक्रमा के बाद सत्संग में भक्तों ने पर्वत पर लगे जड़ी-बूटियों के पौधों के संरक्षण पर जोर दिया।
गोरखगिरि की परिक्रमा शिवतांडव मंदिर से शुरू होकर पठवा के बाल हनुमान मंदिर, रामजानकी मंदिर, संत कबीर आश्रम, राम दरबार, छोटी चंद्रिका मंदिर होते हुए गुजरी। इसके बाद गोष्ठी व सत्संग हुआ। इसमें डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. लालचंद अनुरागी ने कहा कि गोरखगिरि पर्वत में विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों के पौधे हैं। यह हरा-भरा पर्वत सभी का मन मोह लेता है। इसी पर्वत पर 14 वर्ष के वनवास काल के दौरान भगवान राम, लक्ष्मण व माता जानकी ने कुछ समय बिताया। इससे यह पर्वत चित्रकूट के कामदगिरि की तरह मनोवांछित फल देने वाला हो गया है। बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने सभी भक्तों से अधिक से पौधे लगाते हुए उनकी सुरक्षा पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. देवेंद्र पुरवार, दिनेश खरे, अवधेश गुप्ता, प्रह्लाद पुरवार, रामकिशुन शामिल रहे।