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Mahoba News: बिजली कटौती से परेशान क्रशर व्यापारी
Mon, 15 Jul 2024 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 15 Jul 2024 12:21 AM IST
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कबरई (महोबा)। पत्थरमंडी में बिजली कटौती, जर्जर सड़क और रॉयल्टी की समस्या से बंदी की कगार पर पहुंच चुके क्रशर उद्योग से उद्यमी परेशान हैं।
उद्यमियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सीडीओ चित्रसेन सिंह को सौंपा। इसमें खनन उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अधिकारियों को 15 दिन के अंदर समस्याओं का निदान कराने का भरोसा दिया है।
खनन एवं क्रशर उद्योग समिति के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी, महामंत्री देवेंद्र मिश्रा, रूपेंद्र सिंह, प्रणव त्रिपाठी ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2018 से 2021 तक जिले का खनन और क्रेशर उद्योग समाप्त सा हो गया था। उस समय एक लाख लघु उद्यमी व श्रमिक बेरोजगार हो गए थे।
इसका मुख्य कारण मध्यप्रदेश की खनिज रायल्टी का उत्तर प्रदेश की रॉयल्टी से बेहद सस्ता होना था। यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसमें सुधार की गुहार लगाई थी। तब मध्य प्रदेश के उपखनिज पर 100 रुपये प्रति घनमीटर का सेस कर लगा कर दोनों जगह की खनिज रायल्टी की दरों को संतुलित किया गया था।
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वहीं रॉयल्टी की कीमतों में वृद्धिकर महोबा के खनन व क्रशर उद्योग को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। उधर, कहा कि पिछले 20 दिनों से उद्योग को मात्र 10 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। सड़कें उखड़ी होने वाहनों के आने में दिक्कत हो रही है। उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण कराया जाए। (संवाद)
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उद्यमियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सीडीओ चित्रसेन सिंह को सौंपा। इसमें खनन उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है। अधिकारियों को 15 दिन के अंदर समस्याओं का निदान कराने का भरोसा दिया है।
खनन एवं क्रशर उद्योग समिति के अध्यक्ष बालकिशोर द्विवेदी, महामंत्री देवेंद्र मिश्रा, रूपेंद्र सिंह, प्रणव त्रिपाठी ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2018 से 2021 तक जिले का खनन और क्रेशर उद्योग समाप्त सा हो गया था। उस समय एक लाख लघु उद्यमी व श्रमिक बेरोजगार हो गए थे।
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इसका मुख्य कारण मध्यप्रदेश की खनिज रायल्टी का उत्तर प्रदेश की रॉयल्टी से बेहद सस्ता होना था। यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसमें सुधार की गुहार लगाई थी। तब मध्य प्रदेश के उपखनिज पर 100 रुपये प्रति घनमीटर का सेस कर लगा कर दोनों जगह की खनिज रायल्टी की दरों को संतुलित किया गया था।
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वहीं रॉयल्टी की कीमतों में वृद्धिकर महोबा के खनन व क्रशर उद्योग को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। उधर, कहा कि पिछले 20 दिनों से उद्योग को मात्र 10 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। सड़कें उखड़ी होने वाहनों के आने में दिक्कत हो रही है। उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण कराया जाए। (संवाद)