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गोलीकांड के दो आरोपियों को भेजा जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:34 PM IST
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kidnapping at gunpoint
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विधानसभा चुनाव के मतदान से चार घंटे पहले शहर में सपा और बसपा समर्थकों के बीच हुई फायरिंग की घटना में नामजद किए गए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। इस घटना मेें लापरवाही बरतने के आरोप में शहर कोतवाल और चौकी प्रभारी निलंबित हो चुके है।
महोबा विधानसभा में 23 फरवरी को मतदान शुरू होने से पहले तड़के सुबह सपा व बसपा समर्थकों के बीच फायरिंग हुई थी। इसमें चार लोग घायल हो गए थे। घायलों में एक पक्ष के साकेत साहू और दूसरे पक्ष के राकेश सिंह का इलाज अभी भी कानपुर और लखनऊ में चल रहा है। पुलिस ने एक पक्ष से चार जबकि दूसरे पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मतदान से चंद घंटे पहले शहर में गोलीकांड की घटना होने पर शहर कोतवाल जेपी यादव व चौकी प्रभारी आनंद कुमार को डीआईजी ने निलंबित कर दिया था।
पुलिस ने गुरुवार की रात से ही आरोपियों को धर पकड़ तेज कर दी। कोतवाली पुलिस ने सपा समर्थक तारिक पुत्र अब्दुल व बसपा समर्थक हबीब को घरों के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को जेल भेजा गया है। अभी भी दोनों पक्षों के 10 आरोपी फरार चल रहे है।
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चुनाव को लेकर गुरुवार को तड़के सुबह हुई फायरिंग में घायल हुए दो युवकों में से राकेश सिंह की हालत 36 घंटे बाद भी गंभीर बनी हुई है। सरेआम दो पक्षों में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिय निशान लगा दिया है। घायल के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस चुनाव में सक्रियता बरतती तो हादसे को टाला जा सकता था।
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महोबा विधानसभा में 23 फरवरी को मतदान शुरू होने से पहले तड़के सुबह सपा व बसपा समर्थकों के बीच फायरिंग हुई थी। इसमें चार लोग घायल हो गए थे। घायलों में एक पक्ष के साकेत साहू और दूसरे पक्ष के राकेश सिंह का इलाज अभी भी कानपुर और लखनऊ में चल रहा है। पुलिस ने एक पक्ष से चार जबकि दूसरे पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मतदान से चंद घंटे पहले शहर में गोलीकांड की घटना होने पर शहर कोतवाल जेपी यादव व चौकी प्रभारी आनंद कुमार को डीआईजी ने निलंबित कर दिया था।
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पुलिस ने गुरुवार की रात से ही आरोपियों को धर पकड़ तेज कर दी। कोतवाली पुलिस ने सपा समर्थक तारिक पुत्र अब्दुल व बसपा समर्थक हबीब को घरों के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को जेल भेजा गया है। अभी भी दोनों पक्षों के 10 आरोपी फरार चल रहे है।
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चुनाव को लेकर गुरुवार को तड़के सुबह हुई फायरिंग में घायल हुए दो युवकों में से राकेश सिंह की हालत 36 घंटे बाद भी गंभीर बनी हुई है। सरेआम दो पक्षों में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिय निशान लगा दिया है। घायल के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस चुनाव में सक्रियता बरतती तो हादसे को टाला जा सकता था।