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कर्जदार किसान ने जहर खा जान दी
महोबा
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:49 PM IST
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कर्जदार किसान ने जहर खाकर जान दे दी। किसान पर बैंक के अलावा साहूकारों का भी कर्ज था। सूचना पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी अरविंद तिवारी (48) पुत्र रामप्रकाश पांच बीघा जमीन के मालिक थे। कई साल से फसल ठीक नहीं हुई। इससे आर्थिक स्थिति चरमरा गई।
अरविंद महोबा रोडवेज में परिचालकों के हेल्पर का काम कर किसी तरह गुजारा कर रहे थे। उन्होंने इलाहाबाद बैंक खरेला से किसान क्रेडिट कार्ड से 35 हजार रुपये कर्ज लिया था, जिसकी अदायगी नहीं कर सके। दो दिन पहले वे घर से रिश्तेदारी जाने की बात कहकर निकले थे। वहां से लौटने के बाद सोमवार की सुबह खरेला बस स्टैंड के पास जहर खा लिया। उन्हें अचेत देख लोगों ने परिजनों को सूचना दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाते समय मौत हो गई। बेटे रबी ने बताया कि फरवरी 2017 में बहन कंचन की शादी हुई थी।
इसके लिए पिता ने रिश्तेदारों और गांव वालों से कुछ कर्ज लिया था। इसकी अदायगी की चिंता में पिता परेशान रहते थे। इसके अलावा बैंक का भी कर्ज था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसडीएम चरखारी मृदुल चौधरी, तहसीलदार सुबोधमणि, थानाध्यक्ष दिलीप मिश्रा व राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंच जांच की।
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उधर, एसडीएम चरखारी मृदुल चौधरी का कहना है कि अरविंद के बड़े भाई राघवेंद्र तिवारी और पुत्र रबी से बात हुई है। शव के समीप सल्फास की डिब्बी मिली थी। किसान दिल का मरीज था और शराब भी पीता था। किसान के घर भरपूर राशन और खाद्यान्न की व्यवस्था पाई गई। जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
किसान अरविंद के दो पुत्री और एक पुत्र हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा रबी अभी पढ़ रहा है। किसान की मौत से पत्नी अनीता पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार के भरण पोषण और बेटे की पढ़ाई की चिंता उसे सता रही है। पत्नी ने बताया कि बड़ी बेटी प्रीति की चार साल पहले शादी की थी। पैसे का इंतजाम न होने पर छह बीघा जमीन बेच दी थी। बची पांच बीघा जमीन पर खेती कराकर काम चला रहे थे।
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अरविंद महोबा रोडवेज में परिचालकों के हेल्पर का काम कर किसी तरह गुजारा कर रहे थे। उन्होंने इलाहाबाद बैंक खरेला से किसान क्रेडिट कार्ड से 35 हजार रुपये कर्ज लिया था, जिसकी अदायगी नहीं कर सके। दो दिन पहले वे घर से रिश्तेदारी जाने की बात कहकर निकले थे। वहां से लौटने के बाद सोमवार की सुबह खरेला बस स्टैंड के पास जहर खा लिया। उन्हें अचेत देख लोगों ने परिजनों को सूचना दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाते समय मौत हो गई। बेटे रबी ने बताया कि फरवरी 2017 में बहन कंचन की शादी हुई थी।
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इसके लिए पिता ने रिश्तेदारों और गांव वालों से कुछ कर्ज लिया था। इसकी अदायगी की चिंता में पिता परेशान रहते थे। इसके अलावा बैंक का भी कर्ज था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसडीएम चरखारी मृदुल चौधरी, तहसीलदार सुबोधमणि, थानाध्यक्ष दिलीप मिश्रा व राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंच जांच की।
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उधर, एसडीएम चरखारी मृदुल चौधरी का कहना है कि अरविंद के बड़े भाई राघवेंद्र तिवारी और पुत्र रबी से बात हुई है। शव के समीप सल्फास की डिब्बी मिली थी। किसान दिल का मरीज था और शराब भी पीता था। किसान के घर भरपूर राशन और खाद्यान्न की व्यवस्था पाई गई। जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
किसान अरविंद के दो पुत्री और एक पुत्र हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा रबी अभी पढ़ रहा है। किसान की मौत से पत्नी अनीता पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार के भरण पोषण और बेटे की पढ़ाई की चिंता उसे सता रही है। पत्नी ने बताया कि बड़ी बेटी प्रीति की चार साल पहले शादी की थी। पैसे का इंतजाम न होने पर छह बीघा जमीन बेच दी थी। बची पांच बीघा जमीन पर खेती कराकर काम चला रहे थे।