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मुआवजा मांग को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन
mahoba
Updated Mon, 21 May 2018 11:10 PM IST
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मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : amarujala
महोबा। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कराए जा रहे कबरई बांध उच्चीकरण कार्य में ग्राम झिरसहेवा की आबादी डूब क्षेत्र में आने के बाद भी गांव को पुनर्व्यवस्थापन न किए जाने से किसान भड़क गए हैं। सोमवार को एक सैकड़ा से अधिक लामबंद किसानों ने कलक्ट्रेेट पहुंच प्रदर्शन किया। किसानों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम झिरसहेवा निवासी हरि, विश्वनाथ, गोरेलाल, रामगोपाल, संतराम, रामस्वरुप, मुल्लू, बिहारी, जुगल किशोर, रामकुमार, मुन्नीलाल समेत एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने जिलाधिकारी सहदेव को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना के अंतर्गत कबरई बांध का उच्चीकरण किया जा रहा हैं जिससे झिरसहेवा गांव का पूरा रकबा व आबादी डूब क्षेत्र में आ गई है। कई बार मांग के बाद भी गांव की आबादी को दूसरी जगह व्यवस्थित नहीं किया गया हैं। पूर्व में कबरई रोड आशमा ग्रेनाइट के समीप गांव बसाने के लिए जमीन चिंहित की गई थी लेकिन अभी तक आगे की कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने कास्तकारी भूमि, मकान, कुंआ, बोर, पेड़ व बगीचों का वर्ष 2018 की महंगाई दर से मुआवजा दिलाए जाने, मकानों की व्यवस्था के लिए प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख रुपये दिलाए जाने, भूमि का मुआवजा नए भूमि अधिगृहण के मुताबिक दिलाए जाने व कास्तकारों की जमीन लेने पर स्टांप फीस मुक्ति प्रमाण पत्र 5 साल के लिए दिलाए जाने की मांग है। किसानों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर वह आंदोलन को मजबूर होंगे।
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कोतवाली क्षेत्र के ग्राम झिरसहेवा निवासी हरि, विश्वनाथ, गोरेलाल, रामगोपाल, संतराम, रामस्वरुप, मुल्लू, बिहारी, जुगल किशोर, रामकुमार, मुन्नीलाल समेत एक सैकड़ा से अधिक किसानों ने जिलाधिकारी सहदेव को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि अर्जुन सहायक परियोजना के अंतर्गत कबरई बांध का उच्चीकरण किया जा रहा हैं जिससे झिरसहेवा गांव का पूरा रकबा व आबादी डूब क्षेत्र में आ गई है। कई बार मांग के बाद भी गांव की आबादी को दूसरी जगह व्यवस्थित नहीं किया गया हैं। पूर्व में कबरई रोड आशमा ग्रेनाइट के समीप गांव बसाने के लिए जमीन चिंहित की गई थी लेकिन अभी तक आगे की कार्रवाई नहीं की गई।
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ग्रामीणों ने कास्तकारी भूमि, मकान, कुंआ, बोर, पेड़ व बगीचों का वर्ष 2018 की महंगाई दर से मुआवजा दिलाए जाने, मकानों की व्यवस्था के लिए प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख रुपये दिलाए जाने, भूमि का मुआवजा नए भूमि अधिगृहण के मुताबिक दिलाए जाने व कास्तकारों की जमीन लेने पर स्टांप फीस मुक्ति प्रमाण पत्र 5 साल के लिए दिलाए जाने की मांग है। किसानों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर वह आंदोलन को मजबूर होंगे।
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