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कम पैदावार देख किसान ने फांसी लगाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 17 Apr 2017 10:43 PM IST
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मृतक के तीनों मासूम बच्चे व रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कम पैदावार से आहत किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। किसान को साहूकारों से लिए गए कर्ज की चिंता भी सता रही थी।गंज गांव निवासी मोहन (40) पुत्र हरदास अहिरवार के पास दो बीघा जमीन है। इसमेें खेती कर वह परिवार का भरण पोषण कर रहा था।
खेत में जब फसल तैयार थी तभी अन्ना जानवर आधे से अधिक चट कर गए थे। चार दिन पहले जब बची फसल की मड़ाई हुई तो कम पैदावार निकली, जिससे खाद बीज का पैसा भी नहीं निकल पाता। इससे परेशान होकर उसने सोमवार सुबह मकान के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो उनको घटना का पता चला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। मृतक के भाई राजकुमार ने बताया कि खेती में कुछ पैदावार नहीं हुई। साहूकारों से लिए गए कर्ज की अदायगी की चिंता भाई को सता रही थी। मोहन को तीन बच्चों की परवरिश की भी चिंता थी। उपजिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी कराई जा रही है।
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खेत में जब फसल तैयार थी तभी अन्ना जानवर आधे से अधिक चट कर गए थे। चार दिन पहले जब बची फसल की मड़ाई हुई तो कम पैदावार निकली, जिससे खाद बीज का पैसा भी नहीं निकल पाता। इससे परेशान होकर उसने सोमवार सुबह मकान के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
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परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो उनको घटना का पता चला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। मृतक के भाई राजकुमार ने बताया कि खेती में कुछ पैदावार नहीं हुई। साहूकारों से लिए गए कर्ज की अदायगी की चिंता भाई को सता रही थी। मोहन को तीन बच्चों की परवरिश की भी चिंता थी। उपजिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी कराई जा रही है।
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