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कर्ज में डूबे महिला किसान ने जान दी
mahoba
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:02 AM IST
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महोबा।
कोतवाली चरखारी के ग्राम गौरहारी में कर्ज से परेशान एक महिला किसान ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। खेतों में बोई गई फसल की सिंचाई न होने पर फसल बर्बाद हो जाने से महिला परेशान रहती थी। सूचना पर पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।
ग्राम गौरहारी निवासी मथुरा राजपूत के पुत्र मुन्ना राजपूत के शराब का आदी होने के चलते मथुरा ने एक दशक पहले अपनी साढ़े छह एकड़ भूमि बहू हेमा (35) के नाम वसीयत कर दी थी। तब से महिला खेती किसानी करके परिवार का भरण पोषण कर रही थी।
एक वर्ष पहले हेमा ने किसान क्रेडिट कार्ड पर इलाहाबाद बैंक गुढ़ा से दो लाख 90 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन उपज सही न होने से कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी। दो वर्ष से महिला पति और दो बच्चों के साथ खेत में झोपड़ी बनाकर रहती थी।
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मंगलवार की सुबह हेमा ने खेत पर ही सल्फास खा ली। हालत बिगड़ने पर जेठ गोविंद दास आनन फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले गए जहां महिला की मौत हो गई। मृतका के जेठ ने बताया कि खेत में बोर होने के चलते इस बार चना और मटर की फसल बोई थी।
बोर सूख जाने से फसल की सिंचाई नही हो सकी। जिससे फसल बर्बाद हो गई। कर्ज की अदायगी और फसल बर्बाद होने की चिंता महिला को सता रही थी। घटना से मृतका के पुत्र छोटू 11 व साक्षी 08 का रो रोकर बुरा हाल है। उपजिलाधिकारी चरखारी जंगबहादुर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। लेकिन जांच कराई जाएगी। आत्महत्या की घटना में किसी तरह के बीमा और सहायता का कोई प्रावधान नहीं है।
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कोतवाली चरखारी के ग्राम गौरहारी में कर्ज से परेशान एक महिला किसान ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। खेतों में बोई गई फसल की सिंचाई न होने पर फसल बर्बाद हो जाने से महिला परेशान रहती थी। सूचना पर पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।
ग्राम गौरहारी निवासी मथुरा राजपूत के पुत्र मुन्ना राजपूत के शराब का आदी होने के चलते मथुरा ने एक दशक पहले अपनी साढ़े छह एकड़ भूमि बहू हेमा (35) के नाम वसीयत कर दी थी। तब से महिला खेती किसानी करके परिवार का भरण पोषण कर रही थी।
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एक वर्ष पहले हेमा ने किसान क्रेडिट कार्ड पर इलाहाबाद बैंक गुढ़ा से दो लाख 90 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन उपज सही न होने से कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी। दो वर्ष से महिला पति और दो बच्चों के साथ खेत में झोपड़ी बनाकर रहती थी।
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मंगलवार की सुबह हेमा ने खेत पर ही सल्फास खा ली। हालत बिगड़ने पर जेठ गोविंद दास आनन फानन में इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले गए जहां महिला की मौत हो गई। मृतका के जेठ ने बताया कि खेत में बोर होने के चलते इस बार चना और मटर की फसल बोई थी।
बोर सूख जाने से फसल की सिंचाई नही हो सकी। जिससे फसल बर्बाद हो गई। कर्ज की अदायगी और फसल बर्बाद होने की चिंता महिला को सता रही थी। घटना से मृतका के पुत्र छोटू 11 व साक्षी 08 का रो रोकर बुरा हाल है। उपजिलाधिकारी चरखारी जंगबहादुर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। लेकिन जांच कराई जाएगी। आत्महत्या की घटना में किसी तरह के बीमा और सहायता का कोई प्रावधान नहीं है।