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हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन करावास
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:15 PM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) रामकुशल नेे इंडेन गैस एजेेंसी मालिक की हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।कस्बा खरेला के मोहल्ला जालिब
निवासी राकेश कुमार गुप्ता ने इंडेन गैस एजेंसी के लिए जमीन खरीदी थी। पास में राधाचरन घनश्याम की जमीन होने के कारण एजेंसी मालिक और राधाचरन का विवाद हो गया था। जमीनी विवाद के चलते 3 अप्रैल 2009 गैस एजेंसी के चौकीदार हल्के बसोर से साठगांठ कर गैस एजेंसी के गोदाम में ही
चार लोगों ने मिलकर राकेश कुमार गुप्ता की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। 5 अप्रैल को बांदा से घर वापस आए मृतक के बडे भाई दिनेश कुमार गुप्ता को उसकी पत्नी सरोज ने बताया कि राकेश कुमार गुप्ता 2 अप्रैल से घर नहीं आए हैं। भाई ने जाकर गैस एजेंसी में देखा तो उसका शव सिलेंडरों की बीच में
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पड़ा था। घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई दिनेश ने घनश्याम, राधाचरन और अखिलेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में गैस एजेंसी की चौकीदार हल्के बसोर को भी शामिल कर चार्जशीट अदालत में पेश कर दी थी। न्यायाधीश रामकुशल ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह
और बहस सुनने के बाद चारों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठाेंका। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने की। आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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निवासी राकेश कुमार गुप्ता ने इंडेन गैस एजेंसी के लिए जमीन खरीदी थी। पास में राधाचरन घनश्याम की जमीन होने के कारण एजेंसी मालिक और राधाचरन का विवाद हो गया था। जमीनी विवाद के चलते 3 अप्रैल 2009 गैस एजेंसी के चौकीदार हल्के बसोर से साठगांठ कर गैस एजेंसी के गोदाम में ही
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चार लोगों ने मिलकर राकेश कुमार गुप्ता की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। 5 अप्रैल को बांदा से घर वापस आए मृतक के बडे भाई दिनेश कुमार गुप्ता को उसकी पत्नी सरोज ने बताया कि राकेश कुमार गुप्ता 2 अप्रैल से घर नहीं आए हैं। भाई ने जाकर गैस एजेंसी में देखा तो उसका शव सिलेंडरों की बीच में
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पड़ा था। घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई दिनेश ने घनश्याम, राधाचरन और अखिलेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना में गैस एजेंसी की चौकीदार हल्के बसोर को भी शामिल कर चार्जशीट अदालत में पेश कर दी थी। न्यायाधीश रामकुशल ने बुधवार को दोनों पक्षों के गवाह
और बहस सुनने के बाद चारों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठाेंका। अदालत ने आरोपियों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता बाबूलाल यादव ने की। आरोपियों को जेल भेज दिया है।