{"_id":"58f104414f1c1bbd4ccf54a7","slug":"life-imprisonment-for-four","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में चार को उम्रकैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या में चार को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Fri, 14 Apr 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) ने हत्या में शुक्रवार को चार लोगों को उम्रकैद सुनाई। छह लोगों पर आरोप सिद्ध न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया।
कोतवाली के बिलबई गांव निवासी भरत कुमार पुत्र जुगल किशोर अपने भतीजे धर्मेंद्र और भाई जयकरन के साथ पांच फरवरी 2007 को महोबा आ रहा था।
तभी तेज सिंह, चरन सिंह, अरविंद सिंह, इंद्रपाल, मिट्ठूलाल, रूप सिंह, निर्भय, श्याम सिंह, राजू, कृष्ण कुमार ने पुरानी रंजिश के चलते उक्त तीनों पर असलहों से फायरिंग कर दी। इससे धर्मेंद्र की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। भरत और जयकरन ने भाग कर जान बचाई।
घटना की रिपोर्ट मृतक के चाचा भरत कुमार ने उक्त 10 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद कृष्ण कुमार, राजू, निर्भय और श्याम सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद सुनाई। साथ ही, 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मुकदमे की पैरवी शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल यादव ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली के बिलबई गांव निवासी भरत कुमार पुत्र जुगल किशोर अपने भतीजे धर्मेंद्र और भाई जयकरन के साथ पांच फरवरी 2007 को महोबा आ रहा था।
तभी तेज सिंह, चरन सिंह, अरविंद सिंह, इंद्रपाल, मिट्ठूलाल, रूप सिंह, निर्भय, श्याम सिंह, राजू, कृष्ण कुमार ने पुरानी रंजिश के चलते उक्त तीनों पर असलहों से फायरिंग कर दी। इससे धर्मेंद्र की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। भरत और जयकरन ने भाग कर जान बचाई।
विज्ञापन
घटना की रिपोर्ट मृतक के चाचा भरत कुमार ने उक्त 10 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद कृष्ण कुमार, राजू, निर्भय और श्याम सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद सुनाई। साथ ही, 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मुकदमे की पैरवी शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल यादव ने की।
विज्ञापन