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उर्मिल बांध में दो दिनों में 3.20 मीटर पानी बढ़ा
Updated Mon, 03 Sep 2018 09:56 PM IST
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श्रीनगर महोबा। मध्य प्रदेश के ऊंचाई के इलाकों में दो दिन से हो रही झमाझम बारिश के चलते यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध में 3.20 मीटर पानी बढ़ गया। इससे जिले के लोगों ने राहत की सांस ली। साथ ही पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों को अब भरपूर पानी मिलने के आसार बढ़ गए है। बांध में पानी बढ़ते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारी चौकन्ना हो गए हैं।
यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध से 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के किसानों को दिया जाता है और 40 फीसदी पानी से महोबा जनपद की सिंचाई की जाती है। बांध के आरक्षित पानी से महोबा शहर के अलावा गांव में पेयजल आपूर्ति भी जाती है। इस साल सूखे के चलते उर्मिल बांध 228.30 डेड लेवल से भी नीचे 227.00 मीटर नीचे पहुंच गया था, जिससे पानी को लेकर जिले में हायतौबा मचने लगी थी। अब एमपी में हो रही बारिश के चलते बांध में दिन-प्रतिदिन जलस्तर बढ़ रहा है। जिससे यूपी और एमपी के लोगों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। वहीं महोबा जनपद के लोगों को पीने के लिए पानी मयस्सर होगा।
गौरतलब है कि यूपी के महोबा और मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले सिंचाई सुविधा के लिए सन् 1978 में उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। बाद में महोबा जनपद में बढ़ते पानी के संकट को देखते हुए वर्ष 2005 में महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना बनाई गई थी। पांच साल बाद योजना के तैयार होने पर वर्ष 2010 में महोबा शहर, सिजहरी और श्रीनगर गांव में भी पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी गई। पानी को स्वच्छ रखने के लिए श्रीनगर में फिल्टर प्लांट भी बनाया गया।
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उर्मिल बांध में चार माह में पानी की स्थिति
जून 27.00 मीटर
जुलाई 228.30 मीटर
अगस्त 230.00मीटर
सितंबर 233.20मीटर
इंसेट
उर्मिल बांध से दो प्रांतों को मिलता है सिंचाई के लिए पानी
महोबा। सरहद पर बने उर्मिल बांध से यूपी और एमपी के दो जिलों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। जिससे दोनों जिलों के किसानों की सिंचाई के चलते अच्छी उपज होती है। इस साल सूखे के चलते दोनों जिलों को पानी न मिलने से किसान महानगरों को पलायन कर गए। अब अच्छी बारिश देेखकर किसानों के वापस लौटने की उम्मीदें बढ़ गई है। हालांकि यूपी के बुंदेलखंड में कम और एमपी के बुंदेलखंड में अच्छी बारिश हो रही है।
-एमपी के ऊंचाई के इलाकों में हो रही बारिश से तेजी से बढ़ रहा बांध का पानी
उर्मिल बांध में दो दिनों में 3.20 मीटर पानी बढ़ा
-यूपी एमपी की सरहद पर बना है उर्मिल बांध
यूपी-एमपी की सरहद पर बने उर्मिल बांध से 60 फीसदी पानी सिंचाई के लिए मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के किसानों को दिया जाता है और 40 फीसदी पानी से महोबा जनपद की सिंचाई की जाती है। बांध के आरक्षित पानी से महोबा शहर के अलावा गांव में पेयजल आपूर्ति भी जाती है। इस साल सूखे के चलते उर्मिल बांध 228.30 डेड लेवल से भी नीचे 227.00 मीटर नीचे पहुंच गया था, जिससे पानी को लेकर जिले में हायतौबा मचने लगी थी। अब एमपी में हो रही बारिश के चलते बांध में दिन-प्रतिदिन जलस्तर बढ़ रहा है। जिससे यूपी और एमपी के लोगों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। वहीं महोबा जनपद के लोगों को पीने के लिए पानी मयस्सर होगा।
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गौरतलब है कि यूपी के महोबा और मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले सिंचाई सुविधा के लिए सन् 1978 में उर्मिल बांध का निर्माण कराया गया था। बाद में महोबा जनपद में बढ़ते पानी के संकट को देखते हुए वर्ष 2005 में महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना बनाई गई थी। पांच साल बाद योजना के तैयार होने पर वर्ष 2010 में महोबा शहर, सिजहरी और श्रीनगर गांव में भी पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी गई। पानी को स्वच्छ रखने के लिए श्रीनगर में फिल्टर प्लांट भी बनाया गया।
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उर्मिल बांध में चार माह में पानी की स्थिति
जून 27.00 मीटर
जुलाई 228.30 मीटर
अगस्त 230.00मीटर
सितंबर 233.20मीटर
इंसेट
उर्मिल बांध से दो प्रांतों को मिलता है सिंचाई के लिए पानी
महोबा। सरहद पर बने उर्मिल बांध से यूपी और एमपी के दो जिलों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। जिससे दोनों जिलों के किसानों की सिंचाई के चलते अच्छी उपज होती है। इस साल सूखे के चलते दोनों जिलों को पानी न मिलने से किसान महानगरों को पलायन कर गए। अब अच्छी बारिश देेखकर किसानों के वापस लौटने की उम्मीदें बढ़ गई है। हालांकि यूपी के बुंदेलखंड में कम और एमपी के बुंदेलखंड में अच्छी बारिश हो रही है।
-एमपी के ऊंचाई के इलाकों में हो रही बारिश से तेजी से बढ़ रहा बांध का पानी
उर्मिल बांध में दो दिनों में 3.20 मीटर पानी बढ़ा
-यूपी एमपी की सरहद पर बना है उर्मिल बांध