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बालिका से छेड़छाड़ में तीन साल का कारावास
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महोबा। पांच वर्षीय बालिका से छेड़खानी के ढाई साल पुराने मामले में न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
थाना पनवाड़ी के एक गांव निवासी पांच वर्षीय बालिका 29 नवंबर 2018 की शाम घर के दरवाजे पर बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी गांव का ही देशराज अहिरवार बालिका को पकड़कर अपने घर ले गया और मकान के कमरे की कुंडी बंद कर अश्लीलता करने लगा। चीख सुनकर पड़ोसी मकान में पहुंच गए और दरवाजा खुलवाकर बालिका को निकाला। बालिका के पिता ने थाना पनवाड़ी में छेड़खानी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने अभियुक्त को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अभियुक्त द्वारा जेल में पूर्व में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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थाना पनवाड़ी के एक गांव निवासी पांच वर्षीय बालिका 29 नवंबर 2018 की शाम घर के दरवाजे पर बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी गांव का ही देशराज अहिरवार बालिका को पकड़कर अपने घर ले गया और मकान के कमरे की कुंडी बंद कर अश्लीलता करने लगा। चीख सुनकर पड़ोसी मकान में पहुंच गए और दरवाजा खुलवाकर बालिका को निकाला। बालिका के पिता ने थाना पनवाड़ी में छेड़खानी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम) संतोष कुमार यादव ने अभियुक्त को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। मुकदमे की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और अभियुक्त द्वारा जेल में पूर्व में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी।
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