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सीएम का आदेश बेअसर, सड़कों और खेतों में घूमते मिले अन्ना पशु
Thu, 10 Jan 2019 10:49 PM IST
gaurav gaurav
mahoba
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Published by: gaurav gaurav
Updated Thu, 10 Jan 2019 10:49 PM IST
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चरखारी बाईपास पर घूमते पशु व जिला अस्पताल के गेट पर खड़े अन्ना पशु।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुख्यमंत्री के अन्ना पशुओं को दस जनवरी तक आश्रय स्थलों पर भेजे जाने की मियाद खत्म होने के बाद भी खेतों और सड़कों पर बड़े पैमाने पर अन्ना पशु घूम रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने 16 हजार अन्ना पशुओं को गोशालाओं में भेजने का दावा किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को अन्ना पशुओं से राहत दिलाने के लिए 2 जनवरी को सभी जिलाधिकारियों को सड़कों व खेतों के आसपास घूम रहे अन्ना पशुओं को अभियान चलाकर दस जनवरी तक आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। शुरुआती दिनों में तो अभियान का खासा असर दिखाई दिया लेकिन धीरे-धीरे यह अभियान ठंडे बस्ते में चला गया।
दस जनवरी बीत जाने के बाद भी 50 फीसदी भी अन्ना जानवर आश्रय स्थलों पर नहीं पहुंच सके। जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसान खेतों में अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए दिन रात डेरा जमाए हुए हैं।
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चरखारी तहसील में 23, कुलपहाड़ में 48 और महोबा में सात अस्थायी गोशालाओं की व्यवस्था कराई गई हैं। इन गोशालाओं में 200 से 650 तक पशुओं को रखने की क्षमता है। इन गोशालाओं में नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के सफाई कर्मचारियों की मदद से अभियान चलाकर अन्ना पशुओं को पकड़ गोशालाओं में भेजा गया।
जिलाधिकारी सहदेव ने बताया कि 16 हजार अन्ना जानवरों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। साथ ही बताया कि 140 गांवों में अस्थायी गोशालाओं का निर्माण कराया गया है। डीएम ने बताया कि जिले में जानवरों को छुट्टा छोड़ने पर 14 लोगों को जेल भेजा गया है और 86 लोगों को नोटिस जारी किया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को अन्ना पशुओं से राहत दिलाने के लिए 2 जनवरी को सभी जिलाधिकारियों को सड़कों व खेतों के आसपास घूम रहे अन्ना पशुओं को अभियान चलाकर दस जनवरी तक आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। शुरुआती दिनों में तो अभियान का खासा असर दिखाई दिया लेकिन धीरे-धीरे यह अभियान ठंडे बस्ते में चला गया।
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दस जनवरी बीत जाने के बाद भी 50 फीसदी भी अन्ना जानवर आश्रय स्थलों पर नहीं पहुंच सके। जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसान खेतों में अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए दिन रात डेरा जमाए हुए हैं।
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चरखारी तहसील में 23, कुलपहाड़ में 48 और महोबा में सात अस्थायी गोशालाओं की व्यवस्था कराई गई हैं। इन गोशालाओं में 200 से 650 तक पशुओं को रखने की क्षमता है। इन गोशालाओं में नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के सफाई कर्मचारियों की मदद से अभियान चलाकर अन्ना पशुओं को पकड़ गोशालाओं में भेजा गया।
जिलाधिकारी सहदेव ने बताया कि 16 हजार अन्ना जानवरों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। साथ ही बताया कि 140 गांवों में अस्थायी गोशालाओं का निर्माण कराया गया है। डीएम ने बताया कि जिले में जानवरों को छुट्टा छोड़ने पर 14 लोगों को जेल भेजा गया है और 86 लोगों को नोटिस जारी किया गया है।