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टीकाकरण के बाद कोरोना होने पर नहीं होगा नुकसान
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महोबा। कोरोना टीका को लेकर लोग किसी भी तरह का भ्रम न पालें। कोरोना से मुकाबला करने में टीका सबसे बेहतर उपाय है। इसका मुख्य कार्य रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है। कोरोना वायरस से हमारे शरीर को लड़ने की ताकत इस टीके (वैक्सीन) में है। यह बात मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमके सिन्हा ने कही। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद भी यदि कोरोना हुआ तो हमें वह ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। उन्होंने लोगों से टीका लगवाने की अपील की है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि टीकाकरण में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे स्थिति और खराब हो सकती है। देश में बना यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। कोरोना महामारी से बचाने का एकमात्र कारगर उपाय है। वहीं, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.जीआर रत्मेले का कहना है कि टीका से अच्छा सुरक्षा कवच कोई नहीं है। टीकाकरण से फायदा यह है कि कोरोना संक्रमण हुआ भी तो 99 फीसदा मरीजों का इलाज घर पर ही हो सकेगा और संक्रमण भी कम होगा।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए प्रदेश में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में 3309 स्वास्थ्य कर्मियों टीका लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 2995 स्वास्थ्य कर्मियों ने पहला व 2186 ने दूसरा टीका लगवाया। दूसरे चरण में 5002 फ्रंट लाइन वर्कस के सापेक्ष 4980 ने पहला और 2293 दूसरा टीका लगवाया। तीसरे चरण में जिले में 60 वर्ष से ऊपर और बाद में 45 वर्ष आयु पूरी कर चुके लोगों का टीकाकरण करना था। अब तक 73809 लोग पहला और 7892 लोग दूसरा टीका लगवा चुके हैं। टीकाकरण की गति भी धीमी हो गई है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि टीकाकरण में लोग दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इससे स्थिति और खराब हो सकती है। देश में बना यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। कोरोना महामारी से बचाने का एकमात्र कारगर उपाय है। वहीं, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.जीआर रत्मेले का कहना है कि टीका से अच्छा सुरक्षा कवच कोई नहीं है। टीकाकरण से फायदा यह है कि कोरोना संक्रमण हुआ भी तो 99 फीसदा मरीजों का इलाज घर पर ही हो सकेगा और संक्रमण भी कम होगा।
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए प्रदेश में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था। पहले चरण में 3309 स्वास्थ्य कर्मियों टीका लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 2995 स्वास्थ्य कर्मियों ने पहला व 2186 ने दूसरा टीका लगवाया। दूसरे चरण में 5002 फ्रंट लाइन वर्कस के सापेक्ष 4980 ने पहला और 2293 दूसरा टीका लगवाया। तीसरे चरण में जिले में 60 वर्ष से ऊपर और बाद में 45 वर्ष आयु पूरी कर चुके लोगों का टीकाकरण करना था। अब तक 73809 लोग पहला और 7892 लोग दूसरा टीका लगवा चुके हैं। टीकाकरण की गति भी धीमी हो गई है।
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