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मंडी में अनाज न आने से पसरा सन्नाटा, लॉकडाउन के कारण कारोबार ठप, दो हजार श्रमिक बेरोजगार

Tue, 07 Apr 2020 09:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2020 09:21 PM IST
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नवीन गल्ला मंडी में पसरा सन्नाटा - फोटो : MAHOBA
महोबा। लॉकडाउन के चलते रबी की फसल घर आ जाने के बाद भी किसान मंडी में नहीं ले जा पा रहे हैं। जिससे किसानों को फसल की कीमत नहीं मिल पा रही है। इससे किसान थ्रेसर व ट्रैक्टर का भाड़ा नहीं दे पा रहे हैं। कृषि मंडी में अनाज न आने से सन्नाटा पसरा है। काम करने वाले करीब दो हजार श्रमिक बेरोजगार हैं।
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अप्रैल माह में जिले की कृषि मंडियां गुलजार रहती थी। मगर इस साल लॉकडाउन के चलते अनाज न आने से सन्नाटा पसरा है। कृषि उत्पादन मंडी समिति महोबा में आधा सैकड़ा से ज्यादा थोक और तीन दर्जन से ज्यादा फुटकर गल्ला कारोबारी है।
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जो सीधे ट्रकों में मूंगफली, चना, मटर, मसूर व गेहूं महानगरों में भेजते हैं, लेकिन इस साल किसानों का माल घर आ जाने के बाद भी मंडियों में नहीं पहुंच रहा है। इससे किसान भी अपनी फसल की बिक्री करके अन्य सामान का इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
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किसानों ने दिनरात मेहनत करके फसल की जुताई व बुआई से लेकर कटाई कर ली। इसके बाद थ्रेसर मशीन से अनाज निकालने के बाद घरों पर रख दिया। अब थ्रेसर और ट्रैक्टर चालक किसानों के जहां भाड़े की मांग कर रहे हैं। वहीं फसल काटने वाले श्रमिक भी मजदूरी मांग रहे हैं लेकिन फसल की बिक्री न पाने से किसान भी परेशान है।
28 वाहनों का चालान किया
महोबा। एसपी मणिलाल पाटीदार के निर्देशन में लॉकडाउन के चलते जिले के सभी थानों की फोर्स वाहन चालकों को जागरूक कर रही है। पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 28 वाहनों से 7,200 रुपये शमन शुल्क वसूला गया। वाहन चालकों को दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी गई। लोगों को घरों में ही रहने के लिए जागरूक किया गया।
इस वक्त को अपनों के साथ बनाएं यादगार
महोबा। कोरोना को मात देने के लिए घर से बाहर निकलना पूरी तरह से मना है, ऐसे में लोग घर में मन लगाने की तरकीब आजमा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समय को घर-परिवार के साथ बिताने के साथ ही सगे-संबंधियों व इष्ट मित्रों से फोन या संदेशों से संपर्क में रहना भी अच्छा तरीका साबित हो सकता है।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य कुमार वर्मा का कहना है लॉकडाउन में लोगों की आमदनी व आजादी कम हो गई है और उनके पास फालतू वक्त व असुरक्षा की भावना बढ़ गई है, लिहाजा तनाव बढ़ना लाजमी है।
हम इस तनाव को नजरिया बदलकर दूर कर सकते हैं। लॉकडाउन कोरोना का फैलाव रोकने के लिए जरूरी है। दूसरा, आप घर में रहकर देश-समाज के लिए योगदान दे रहे हैं। यह अनंत काल की समस्या नहीं है। यह जल्द ही खत्म हो जाएगा। लॉकडाउन के वक्त को छुट्टी की तरह इस्तेमाल करें। बच्चों के साथ खेलें। भविष्य की प्लॉनिंग करें। ऐसे ही समय में लोगों के धैर्य की असली परीक्षा होती है। सीएमओ डॉ. सुमन ने बताया कोरोना के संक्रमण से बचाव का मूलमंत्र जरूरी सावधानी बरतने के साथ ही सामाजिक दूरी को बरकरार रखने में ही है।

बैंकों में जुट रही ग्राहकों की भीड़
कबरई (महोबा)। कोरोना के संक्रमण से बचाव को लेकर शासन व प्रशासन सामाजिक दूरी का हर हाल में पालन कराने में जुटा है। वहीं बैंकों के बाहर जुट रही ग्राहकों की भीड़ सामाजिक दूरी के आदेश की धज्जियां उड़ा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के बाहर जुट रही भीड़ पर पुलिस प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है। यही वजह है कि सुबह से ही लोगों की बैंकों के बाहर भीड़ नजर आ रही है। पत्थर मंडी कबरई में एसबीआई, इंडियन बैंक के अलावा दो ग्रामीण बैंक व एक सहकारी बैंक है। यहां ग्राहक सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। डीएम अवधेश कुमार तिवारी से लॉकडाउन के चलते सामाजिक दूरी का पालन कराने की मांग की है। संवाद
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