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कैश निकालने के लिए बने घनचक्कर

Mon, 12 Dec 2016 11:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला महोबा
ब्यूरो, अमर उजाला महोबा Updated Mon, 12 Dec 2016 11:00 PM IST
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Catherine wheel made for cash withdrawals
कबरई में एसबीआई का बंद एटीएम - फोटो : Amar ujala
नोटबंदी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों का बुरा हाल है। तीन दिन से बैंक बंद होने से लोग कैश के लिए परेशान हैं।जिले भर में एसबीआई के  एटीएम को छोड़कर सभी एटीएम केंद्राें में ताले लटके रहे। जिससे ग्राहक एक के बाद एक एटीएम में चक्कर लगाते दिखे लेकिन पैसा न मिलने से उनमें खासी नाराजगी दिखाई दी। जिला मुख्यालय में जहां एटीएम न चलने से लोग परेशान रहे वही ग्रामीण अंचलों की भी कमोवश यही स्थिति रही।
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सीन-1
अमर उजाला की टीम दोपहर करीब 12 बजे कस्बा चरखारी के भारतीय स्टेट बैंक पहुंची। जहां पर एटीएम चालू था। लोग पैसे निकाल रहे थे। दो-दो हजार रुपये की नगदी मिलने पर लोगाें ने किसी तरह काम चलाया। 12.30 बजे बैंक आफ बड़ौदा के एटीएम में ताला लटका मिला। कस्बे के मोहल्ला तुर्कयाना निवासी शकील अहमद ने बताया कि उसे जरूरी काम से बाहर जाना था लेकिन एटीएम से दो हजार रुपये ही निकले जिससे उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी।
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 सीन-2
दोपहर एक बजे कबरई कस्बे में लगे एसबीआई और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के एटीएम सेंटरों में ताले लटके मिले। पैसा निकालने पहुंच रहे लोग मायूस होकर जाते दिखाई दिए। इसी बीच चित्रकूट से यात्रा कर वापस लौट रहे कोटा निवासी राजाराम कबरई बस स्टैंड पर उतर गए और कस्बे के  दोनों एटीएम में पैसा निकालने के लिए चक्कर काटे लेकिन एटीएम बंद होने से पैसा नही निकला। उन्हें कबरई रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी। बोले अब पैसा निकालने के लिए महोबा जाना पड़ेगा।
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सीन-3
कस्बा कुलपहाड़ में दोपहर दो बजे बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम बंद मिला। वही एसबीआई के एटीएम से निकल रहे दो हजार रुपये निकालकर लोगों ने राहत की सांस ली। पैसा निकाल रहे व्यापारी अजय किशोर पाठक ने बताया कि दो हजार रुपये निकलने से कोई खास काम नही हो रहा है। बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम बंद है। बैंक कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। कप्यूटर दुकानदार पुष्पेंद्र चौबे का कहना है कि एटीएम से घरेलू खर्च चलाने के लिए ही पैसे मिल पा रहे हैं। अन्य जरूरतें पूरी नही हो पा रही हैं।
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