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खफा हुई दुल्हन : फेरों से पहले बोली- किसी भी कीमत पर इस लड़के से शादी नहीं करूंगी, मुझे दूल्हा पसंद नहीं
Fri, 25 Jun 2021 09:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 25 Jun 2021 09:12 PM IST
सार
महोबा जिले में जयमाला के बाद दुल्हन ने दूल्हा पसंद नहीं होने की बात कहकर शादी से इनकार कर दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
यूपी के महोबा जिले में कोतवाली कुलपहाड़ के मुढ़ारी गांव में सात फेरे लेने से पहले दुल्हन ने शादी से इनकार कर दिया। रातभर दोनों पक्षों व गांव के वरिष्ठ लोगों के बीच पंचायत चली, लेकिन दुल्हन शादी को तैयार नहीं हुई। पंचायत के बीच दुल्हन ने कहा कि उसे दूल्हा पसंद नहीं है।
जिसके बाद शुक्रवार की सुबह बरात बैरंग लौट गई। मुढ़ारी गांव में 24 जून को एक शादी थी। झांसी निवासी अमित धूमधाम के साथ बरात लेकर वधू पक्ष के दरवाजे पहुंचा। जहां बरातियों का स्वागत-सत्कार किया गया। द्वारचार के बाद टीका व जयमाला की रस्में भी हुईं।
जैसे ही वर पक्ष द्वारा जेवर चढ़ाया गया और भांवर के कार्यक्रम की तैयारी शुरू की गई, तभी वधू ने दूल्हा पसंद न होने की बात कहते हुुए शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन की यह बात सुनकर बराती व वधू पक्ष के लोग हैरान रह गए। पूरी रात वर व वधू पक्ष के लोगों के बीच पंचायत चली।
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जिसमें पूर्व प्रधान उमाशंकर मिश्र भी शामिल हुए। दोनों पक्षों को समझाया गया। पंचायत के दौरान दुल्हन को बुलाया गया लेकिन उसने दूल्हा पसंद न होने पर किसी भी कीमत पर शादी न करने की बात कही। जिसके बाद बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई। लोगों में चर्चा रही कि यदि लड़की को दूल्हा पसंद नहीं था तो टीका व जयमाला के दौरान शादी से इनकार करना चाहिए था।
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जिसके बाद शुक्रवार की सुबह बरात बैरंग लौट गई। मुढ़ारी गांव में 24 जून को एक शादी थी। झांसी निवासी अमित धूमधाम के साथ बरात लेकर वधू पक्ष के दरवाजे पहुंचा। जहां बरातियों का स्वागत-सत्कार किया गया। द्वारचार के बाद टीका व जयमाला की रस्में भी हुईं।
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जैसे ही वर पक्ष द्वारा जेवर चढ़ाया गया और भांवर के कार्यक्रम की तैयारी शुरू की गई, तभी वधू ने दूल्हा पसंद न होने की बात कहते हुुए शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन की यह बात सुनकर बराती व वधू पक्ष के लोग हैरान रह गए। पूरी रात वर व वधू पक्ष के लोगों के बीच पंचायत चली।
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जिसमें पूर्व प्रधान उमाशंकर मिश्र भी शामिल हुए। दोनों पक्षों को समझाया गया। पंचायत के दौरान दुल्हन को बुलाया गया लेकिन उसने दूल्हा पसंद न होने पर किसी भी कीमत पर शादी न करने की बात कही। जिसके बाद बरात बिना दुल्हन के ही लौट गई। लोगों में चर्चा रही कि यदि लड़की को दूल्हा पसंद नहीं था तो टीका व जयमाला के दौरान शादी से इनकार करना चाहिए था।