फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Blood banks in two years hanging lock

दो साल से ब्लड बैंक में लटका ताला

Mon, 06 Mar 2017 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा Updated Mon, 06 Mar 2017 10:27 PM IST
विज्ञापन
Blood banks in two years hanging lock
ब्लड बैंक में लटका ताला। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ताला लटका होने से मरीजों को ब्लड सुविधा नहीं मिल पा रही है। ब्लड की जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल से मरीजों को छतरपुर व बांदा जिले के लिए भेज दिया जाता है। इससे लोगों में खासा गुस्सा है।
विज्ञापन


ब्लड बैंक स्थापित किए जाने के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये खर्च किया गया। ब्लड बैंक के फ्रीजर, एसी के अलावा तमाम समान जुटाए गए, लेकिन पैथालाजिस्ट न होने से ब्लड बैंक शोपीस बनकर रह गया है। यहां पर मशीनों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ की भी सीएमएस ने व्यवस्था कर ली है। शासन द्वारा डाक्टर न भेजे जाने से रक्तकोष में ताला लटका हुआ है। इमरजेंसी में ब्लड चढ़ाने वाले मरीजों को तत्काल रेफर कर दिया जाता है। इससे जिले के लोगों को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन



दो साल पहले ब्लड बैंक में ब्लड रखा जाता था। इमरजेंसी पड़ने पर रक्त निकालकर कई लोगों की जान भी बचाई गई। दो साल पहले पैथालाजिस्ट का स्थानांतरण हो जाने के बाद से ब्लड बैंक में ताला डाल दिया गया। यहां का स्टाफ भी इधर-उधर संबंद्ध कर दिया गया। इससे मरीजों को खून के लिए भटकते रहते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------------------
सांसद विधायकों ने भी नहीं की पहल
जिले में करीब दो साल से ब्लड बैंक में ताला लटका है। जिले के सांसद और विधायकों ने भी अस्पताल में पैथालॉजिस्ट की नियुक्ति कराए जाने के लिए कोई पहल नहीं की। यही वजह है कि आजतक ब्लड बैंक का ताला न खुलने से लोगों को इमरजेंसी में ब्लड नहीं मिल पा रहा है। ब्लड चढ़वाने के लिए लोगों को बाहर भागना पड़ता है।

---------------------
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का रिन्यूवल भी नहीं हुआ है। दो साल पहले लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पैथालाजिस्ट और उपकरण खराब पाए जाने और स्टाफ की कमी के चलते ब्लड बैंक में ताला डलवा दिया था। अब उपकरण और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था हो जाने के बाद जनवरी 2017 को रिन्यूवल के लिए एप्लाई किया था, लेकिन अभी तक रिन्यूवल नहीं हु   डा. उदयवीर सिंह
              मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
                
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed