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भागवत कथा सुनने से कटते है संकट
अमर उजाला महोबा
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:44 PM IST
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महोबा। शहर के शक्तिपीठ मां छोटी चंडिका मंदिर प्रांगण में चल रही शिवमहापुराण व कबरई और चरखारी कस्बे में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सुनने को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार बरसाना से आई कथा वाचक लाडली जी ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों का सेवन प्रतिवादन है किंतु भागवत जी का शुभारंभ सत्य परम धर्म होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कर्मों के द्वारा ही श्रीहरि को प्रसन्न कर लेना सब धर्मों का सार है।
उन्होंने कहा कि जिस चांद को देखकर मुस्लिम खुशियां मनाते है। उसी चांद को देखकर हिंदू करवाचौथ मनाते है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करने मात्र से ही मनुष्य को सारे संकट कट जाते है। कबरई प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के विवेक नगर मोहल्ले में चल हरी भागवत कथा में शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाते हुए कथावाचक रवि महाराज ने कहा कि जब जब स्थितियां मनुष्य के नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तब विराट सत्ता विषम परिस्थितियों में संतुलन बनाने के लिए भगवान सजीव रूप में अवतरित होते हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही भोलेनाथ माता पार्वती सहित सभी देवतागण स्वर्ग में उत्सव मनाने लगे झमने लगे नाचने लगे। इस दौरान भक्तों ने फूलों की होली खेली गई।
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चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार बरसाना से आई कथा वाचक लाडली जी ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों का सेवन प्रतिवादन है किंतु भागवत जी का शुभारंभ सत्य परम धर्म होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में कर्मों के द्वारा ही श्रीहरि को प्रसन्न कर लेना सब धर्मों का सार है।
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उन्होंने कहा कि जिस चांद को देखकर मुस्लिम खुशियां मनाते है। उसी चांद को देखकर हिंदू करवाचौथ मनाते है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करने मात्र से ही मनुष्य को सारे संकट कट जाते है। कबरई प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के विवेक नगर मोहल्ले में चल हरी भागवत कथा में शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाते हुए कथावाचक रवि महाराज ने कहा कि जब जब स्थितियां मनुष्य के नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तब विराट सत्ता विषम परिस्थितियों में संतुलन बनाने के लिए भगवान सजीव रूप में अवतरित होते हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही भोलेनाथ माता पार्वती सहित सभी देवतागण स्वर्ग में उत्सव मनाने लगे झमने लगे नाचने लगे। इस दौरान भक्तों ने फूलों की होली खेली गई।