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बेटा मुझे उलझन हो रही है, तुम जाकर लेट जाओ मैं सो जाऊंगा...

Sun, 14 Feb 2021 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2021 11:14 PM IST
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beta mujhe uljhan ho rahi hai
महोबा। अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक शनिवार की शाम घर लौटने के बाद से परेशान दिखे। परिजन व बड़े पुत्र राहुल ने कई बार उनसे तबियत ठीक होने की बात पूछी। रात करीब नौ बजे राहुल जब पिता के कमरे में बैठा था तो पिता ने कहा कि बेटा मुझे उलझन हो रही है, तुम जाकर अपने कमरे में लेट जाओ मैं सो जाऊंगा लेकिन बेटे ने उलझन होने पर दवा लाने की बात कही तो उन्होंने मनाकर दिया और कुछ देर में आराम लग जाने की बात कही। जब परिजन अंदर चले गए तो रात करीब 11 बजे अधिवक्ता ने अपने कमरे की कुंडी लगा दी और आंगन में आकर लाइसेंसी रायफल से गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिजन दौड़ पड़े लेकिन पिता के कमरे की बाहर से कुंडी बंद होने पर वह दूसरे दरवाजे से मौके पर पहुंचे तो खून से लथपथ शव देख उनके होश उड़ गए। परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी करते इससे पहले उनकी मौत हो गई।
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महोबा। अधिवक्ता द्वारा ब्लाक प्रमुख कबरई व उनके साथियों पर 60 लाख रुपये वसूलने का मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी लगातार पीड़ित पक्ष को धमकाते रहे। शनिवार की शाम शहर के एक होटल में आरोपी व पीड़ित पक्ष के लोगों की वार्ता हुई। वार्ता में सदर विधायक राकेश गोस्वामी को भी बुलाया गया ताकि मामला बातचीत से हल किया जा सके लेकिन वार्ता में कोई निष्कर्ष नहीं निकला और अधिवक्ता व उसका पुत्र राहुल घर वापस लौट आए।
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अधिवक्ता द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद मृतक के बड़े पुत्र राहुल पाठक ने आरोप लगाया कि आरोपी छत्रपाल यादव द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने और देख लेने की धमकी दी गई। जिससे पिता दहशत में आ गए और उन्होंने यह गंभीर कदम उठाया। बेटे का आरोप है कि छोटे भाई शिवम पाठक को डरा धमकाकर आरोपियों ने 60 लाख रुपये वसूले। शहर कोतवाली से लेकर शासन स्तर तक उन्होंने मामले में लिखापढ़ी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो माह भटकने के बाद सात फरवरी को शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई लेकिन पुलिस ने एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की और न ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा दिलाई। यदि पुलिस मामले में त्वरित कार्रवाई करती और सुरक्षा दिलाती तो यह घटना न होती। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की है। उधर कोतवाली पुलिस ने वार्ता वाले होटल के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लिए हैं। वार्ता के दौरान क्या बात हुई। इसकी जांच की जा रही है। एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं। जांच कराई जा रही है।
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