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200 मीटर बाईपास नहर का निर्माण शुरू, लबालब भरेगा बेलासागर

Sat, 18 Jun 2022 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2022 12:30 AM IST
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Belasagar will be filled with two hundred meters bypass canal
महोबा। जिले के सबसे बड़े बेेलासागर तालाब को लबालब भरने प्रयास तेज हो गए हैं। सांसद की पहल पर सिंचाई विभाग के अफसरों ने धवल नाले पर बाईपास नहर का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। 10 दिन के अंदर काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सांसद स्वयं जुलाई के पहले सप्ताह में धवल नाले का निरीक्षण करेंगे।
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बेलासागर को भरने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। पानी को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य कैलाश सोनी ने समस्या को लेकर सांसद को अवगत कराया। सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने जिले के अधिकारियों की एक कमेटी गठित करा रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीआरडीए और सिंचाई विभाग के अफसरों की गठित टीम ने धवल नाले के गेट बड़े करने की सिफारिश की थी। इस पर खाका तैयार कर शासन को भी भेजा गया लेकिन सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने धवल नाले की बीम बॉल को तोड़ने से साफ इनकार कर दिया।
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जिसके बाद सांसद को बाईपास नहर बना बेलासागर भरने का सुझाव दिया गया। सांसद ने डीएम सहित विभागीय अधिकारियों से बात कर तत्काल काम शुरू करने को कहा था। शुक्रवार से धवल नाले पर 200 मीटर लंबी नहर बनाने का काम शुरू किया गया है। जिसमें एक मीटर गोलाई के पाइप डाले जाएंगे। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद की देखरेख में काम शुरू कराया गया है। सहायक अभियंता वनमाली ने बताया कि बाईपास बनने के बाद बारिश का पानी तालाब में ही आएगा। सांसद की इस पहल की किसानों ने सराहना की है।
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64 साल में तीन बार ही पूरी क्षमता से भरा बेलासागर
बेलासागर को भरने में सहायक धवल नाले के गेट की डिजाइन बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। वर्ष 1958 में बने धवल नाले की डिजाइन तत्कालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। तब सामान्य से अधिक बारिश होती थी और बाढ़ का खतरा बना रहता था लेकिन जिला बनने से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2003, 2013 व 2016 को छोड़कर किसी भी वर्ष तालाब अपनी पूर्ण क्षमता से नहीं भर सका।

23 गांवों को पेयजल के लिए मिल सकेगा पानी
बेलासागर तालाब न भरने से मुख्य नहर व माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया। जिससे सिंचाई तो दूर पलेवा तक के लिए किसानों को पानी नहीं मिल सका। बेलासागर तालाब के पेयजल के लिए संचालित योजना भी ठप रही। अब बाईपास नहर का निर्माण होने से बेलासागर पूरी क्षमता से भर सकेगा। जिससे 16 गांव की 30 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही कस्बा समेत 23 गांवों को पेयजल के लिए पानी मिल सकेगा।
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