फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Anganwadi centers come forward to improving judicature

आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार को आगे आया महकमा

Mon, 14 Sep 2015 10:54 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा Updated Mon, 14 Sep 2015 10:54 PM IST
विज्ञापन
Anganwadi centers come forward to improving judicature
महोबा। आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार के लिए महकमे ने कमर कस ली है। अब केंद्रों को नियमित संचालित कराने और बच्चों को प्रतिदिन गर्म भोजन खिलाने व पुष्टाहार वितरण का जायजा लेने के लिए एक पखवारे तक अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों को देखा जाएगा, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में बेहतर सुधार हो सके साथ बच्चों को नियमित पुष्टाहार और गर्म भोजन मिल सके।
विज्ञापन

शासन ने अब हाटकुक्ड की जिम्मेदारी एनजीओ से हटाकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सौंप दिया है। इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री और मातृ समिति की अध्यक्ष के साथ संयुक्त खाता खोला गया है। जिससे अब स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पैसा निकालकर हाटकुक्ड केंद्रों पर बनवाएंगी, जिससे बच्चों को प्रतिदिन ताजा और गर्म भोजन मिल सकेगा। शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के खाते में हाटकुक्ड का पैसा भी भेज दिया है। शासन स्तर से आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था चौकस करने के बाद अब केंद्रों की व्यवस्था देखने की जिम्मेदारी सुपरवाइजर, सीडीपीओ और डीपीओ को सौंपी गई, जो 15 सितंबर से 30 सितंबर तक नियमित टीमें बनाकर आंगनबाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर प्रतिदिन शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र के खुलने हाटकुक्ड बनने, शिक्षण कार्य सहित अन्य बातों को निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेश्वर पाल ने बताया कि एक टीम चार से पांच केंद्रों को प्रतिदिन निरीक्षण करेंगी।
विज्ञापन


बच्चों को मिलता था ठंडा भोजन
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार ने हाटकुक्ड योजना संचालित कराकर बच्चों को नियमित गर्म भोजन केंद्रों पर देने की शुरुआत कराई थी, लेकिन गर्म भोजन बनाने की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंपे जाने से एनजीओ के कार्यकर्ता जिले में दो स्थानों पर भोजन बनाकर पचास से साठ किमी. दूरी पर भोजन भेजने की व्यवस्था करते थे, जिससे देर रात से ही भोजन बनाने का काम शुरू होता था और सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन भेजा जाता था। जिससे हाटकुक्ड पहुंचते- पहुंचते ठंडा हो जाता था। वहीं कई केंद्रों में हाटकुक्ड पहुंच ही नहीं पाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed