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Mahoba News: अमित ने दर्शकों को गुदगुदाया, भंवर नृत्य ने जीता दिल
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फोटो हैं
-कजली मेले की तीसरी शाम रही बुंदेली लोक गायन और राजस्थानी नृत्य के नाम
-कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक जुटी रही हजारों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कीरत सागर तट पर चल रहे ऐतिहासिक कजली मेले की तीसरी शाम लोक गायन व राजस्थानी नृत्य के नाम रही। रंगभारती लखनऊ के कलाकार अमित बिहारी ने हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। वहीं भंवर नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
कजली मेले की तीसरी शाम का शुभारंभ सीडीओ बलराम कुमार, पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव और बीएसए राहुल मिश्रा ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति आल्हा गायक हीरालाल साहू की रही। उन्होंने वीर रस में आल्हा-ऊदल की शौर्य व वीरता का बखान किया। वहीं आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव ने भुजरियों के युद्ध का शानदार वर्णन कर दर्शकों में जोश भरा। प्रतीक्षा यादव ने बुंदेली कजरी गीत और दीक्षा यादव ने आल्हा गायन की प्रस्तुति दी। श्याम कुशवाहा एंड पार्टी के कलाकारों ने बुंदेली नाट्य व नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा।
लखनऊ से आईं गायक वंदना मिश्रा ने लोक गायन की प्रस्तुति दी। जनपद गोरखपुर से आई सुगम सिंह शेखावत एंड टीम ने वनटांगिया नृत्य प्रस्तुत किया। भोपाल से आईं साक्षी पटैरिया ने बुंदेली लोक गायन की प्रस्तुति दी। उन्होंने शुभ दिन आने लगे सावन के झूला झूले नंदकिशोर और लमटेरा गीत दुविधा में हमको फंसा गए हमें धोखा दे गए राजा लोकगीत पेश किया। इस दौरान दर्शकों के साथ हम गाड़ी से जे हैं पैदल न जे हैं गुनगुनाया। इसके बाद मोरे घर भोला आ गओ रे तन्नक चाय बनवा दो, आगड़ दम-बागड़ दम, गोरा सांची बता कैसे करवालओ भोले बाबा से ब्याह लोकगीत सुनाकर दर्शकों को अपनी जगह पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया।
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लखनऊ से आए श्याम कुमार के रंगभारती ग्रुप की ओर से हंसी का हंगामा कार्यक्रम हुआ। कॉमेडियन अमित बिहारी ने चित्रगुप्त-शराबी का जोक, राजू से मोबाइल पर अपनी उधार रकम मांगना, महिलाओं के तैयार होने के बाद सेल्फी लेना, मेकअप व शादी पर जोक सुनाया। बैंड बाजे की धुन की आवाज निकालकर दर्शकों को जमकर ठहाके लगवाए। कार्यक्रम की एंकरिंग सुनील शान ने की। क्रांति गुप्ता एंड टीम की ओर से राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने सिलिंडर पर घड़ों के साथ भंवई नृत्य सांवरिया कर दो बेड़ा पार, सिर पर एक-एक करके छह कांच के ग्लास के ऊपर घड़ा रखकर के पानी छलकाते हुए घट नृत्य, इंदरानी तेरी भरी मटकिया छलके आदि गीत पर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति स्वरांजलि ग्रुप के संस्थापक संदीप श्रीवास्तव ने क्रेजी आर्टिस्ट टीम के कलाकारों की संघर्ष यात्रा के सजीव चित्रण से दिखाई। कलाकारों ने वीर हनुमान, हनुमान चालीसा पर अभिनय और भगवान शिव के तांडव का मंचन किया। इसके बाद अमर शहीदों की याद में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में गीतकार कुलदीप चौहान ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा और महिला गीतकार श्रेया दीक्षित ने वंदे मातरम्, मेरा देश रंगीला और बादल पर पांव है या छूटा गांव है देशभक्ति गीत पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम की एंकरिंग अरशद ने की। अंत में श्री गणेशा देवा व महोबा की शान पर बड़े लड़इया महुबा वाले गीत पर लेजर शो व दर्शकों और पंडाल पर बीम शो का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। यहां पालिका ईओ अवधेश कुमार, लिपिक अरुण शुक्ला, विकास पचौरी, प्रदीप पाराशर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया।
आल्हा मंच पर बुंदेली लोक संगीत की धूम
कजली मेले में आल्हा मंच पर बुंदेली लोक संगीत की धूम मची है। सोमवार की रात आल्हा मंच पर स्थानीय कलाकारों ने रिकॉर्डिंग गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों से झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद गायक रामविशाल शिवहरे ने बुंदेली गीत की प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। जनपद झांसी के मऊरानीपुर से आई पार्टी ने लोकगीत की प्रस्तुतियों से समां बांधा। देर रात तक लोग मेले में परिवार समेत पहुंचते रहे। इस दौरान झूलों का आनंद उठाते हुए सजी दुकानों से जमकर खरीदारी की।
आज के मुख्य आकर्षण
सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुधवार की रात रामआसरे राही का लोकगायन, सीताराम आर्य एंड टीम का सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजा कुशवाहा का कछियाई नृत्य, पंकज तिवारी का घट नृत्य, जनपद झांसी की शिवानी का बधाई गीत, आनंद कुमार का लोक गायन, निखिल का कथक नृत्य, सत्यांशु पटेल अयोध्या का भोजपुरी गायन, लखनलाल यादव एंड पार्टी का दिवारी नृत्य और रूपेंद्र कुशवाहा का राम वनवास नाटक होगा। मुख्य आकर्षण कवि सम्मेलन में विभिन्न जनपदों से आ रहे कवियों की रचनाएं रहेंगी।
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-कजली मेले की तीसरी शाम रही बुंदेली लोक गायन और राजस्थानी नृत्य के नाम
-कार्यक्रम देखने के लिए देर रात तक जुटी रही हजारों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। कीरत सागर तट पर चल रहे ऐतिहासिक कजली मेले की तीसरी शाम लोक गायन व राजस्थानी नृत्य के नाम रही। रंगभारती लखनऊ के कलाकार अमित बिहारी ने हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। वहीं भंवर नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में हजारों की संख्या में दर्शकों की भीड़ जुटी रही।
कजली मेले की तीसरी शाम का शुभारंभ सीडीओ बलराम कुमार, पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव और बीएसए राहुल मिश्रा ने दीप जलाकर किया। पहली प्रस्तुति आल्हा गायक हीरालाल साहू की रही। उन्होंने वीर रस में आल्हा-ऊदल की शौर्य व वीरता का बखान किया। वहीं आल्हा सम्राट वंशगोपाल यादव ने भुजरियों के युद्ध का शानदार वर्णन कर दर्शकों में जोश भरा। प्रतीक्षा यादव ने बुंदेली कजरी गीत और दीक्षा यादव ने आल्हा गायन की प्रस्तुति दी। श्याम कुशवाहा एंड पार्टी के कलाकारों ने बुंदेली नाट्य व नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा।
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लखनऊ से आईं गायक वंदना मिश्रा ने लोक गायन की प्रस्तुति दी। जनपद गोरखपुर से आई सुगम सिंह शेखावत एंड टीम ने वनटांगिया नृत्य प्रस्तुत किया। भोपाल से आईं साक्षी पटैरिया ने बुंदेली लोक गायन की प्रस्तुति दी। उन्होंने शुभ दिन आने लगे सावन के झूला झूले नंदकिशोर और लमटेरा गीत दुविधा में हमको फंसा गए हमें धोखा दे गए राजा लोकगीत पेश किया। इस दौरान दर्शकों के साथ हम गाड़ी से जे हैं पैदल न जे हैं गुनगुनाया। इसके बाद मोरे घर भोला आ गओ रे तन्नक चाय बनवा दो, आगड़ दम-बागड़ दम, गोरा सांची बता कैसे करवालओ भोले बाबा से ब्याह लोकगीत सुनाकर दर्शकों को अपनी जगह पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया।
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लखनऊ से आए श्याम कुमार के रंगभारती ग्रुप की ओर से हंसी का हंगामा कार्यक्रम हुआ। कॉमेडियन अमित बिहारी ने चित्रगुप्त-शराबी का जोक, राजू से मोबाइल पर अपनी उधार रकम मांगना, महिलाओं के तैयार होने के बाद सेल्फी लेना, मेकअप व शादी पर जोक सुनाया। बैंड बाजे की धुन की आवाज निकालकर दर्शकों को जमकर ठहाके लगवाए। कार्यक्रम की एंकरिंग सुनील शान ने की। क्रांति गुप्ता एंड टीम की ओर से राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। कलाकारों ने सिलिंडर पर घड़ों के साथ भंवई नृत्य सांवरिया कर दो बेड़ा पार, सिर पर एक-एक करके छह कांच के ग्लास के ऊपर घड़ा रखकर के पानी छलकाते हुए घट नृत्य, इंदरानी तेरी भरी मटकिया छलके आदि गीत पर प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति स्वरांजलि ग्रुप के संस्थापक संदीप श्रीवास्तव ने क्रेजी आर्टिस्ट टीम के कलाकारों की संघर्ष यात्रा के सजीव चित्रण से दिखाई। कलाकारों ने वीर हनुमान, हनुमान चालीसा पर अभिनय और भगवान शिव के तांडव का मंचन किया। इसके बाद अमर शहीदों की याद में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में गीतकार कुलदीप चौहान ने जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा और महिला गीतकार श्रेया दीक्षित ने वंदे मातरम्, मेरा देश रंगीला और बादल पर पांव है या छूटा गांव है देशभक्ति गीत पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम की एंकरिंग अरशद ने की। अंत में श्री गणेशा देवा व महोबा की शान पर बड़े लड़इया महुबा वाले गीत पर लेजर शो व दर्शकों और पंडाल पर बीम शो का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। यहां पालिका ईओ अवधेश कुमार, लिपिक अरुण शुक्ला, विकास पचौरी, प्रदीप पाराशर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया।
आल्हा मंच पर बुंदेली लोक संगीत की धूम
कजली मेले में आल्हा मंच पर बुंदेली लोक संगीत की धूम मची है। सोमवार की रात आल्हा मंच पर स्थानीय कलाकारों ने रिकॉर्डिंग गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों से झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद गायक रामविशाल शिवहरे ने बुंदेली गीत की प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। जनपद झांसी के मऊरानीपुर से आई पार्टी ने लोकगीत की प्रस्तुतियों से समां बांधा। देर रात तक लोग मेले में परिवार समेत पहुंचते रहे। इस दौरान झूलों का आनंद उठाते हुए सजी दुकानों से जमकर खरीदारी की।
आज के मुख्य आकर्षण
सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुधवार की रात रामआसरे राही का लोकगायन, सीताराम आर्य एंड टीम का सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजा कुशवाहा का कछियाई नृत्य, पंकज तिवारी का घट नृत्य, जनपद झांसी की शिवानी का बधाई गीत, आनंद कुमार का लोक गायन, निखिल का कथक नृत्य, सत्यांशु पटेल अयोध्या का भोजपुरी गायन, लखनलाल यादव एंड पार्टी का दिवारी नृत्य और रूपेंद्र कुशवाहा का राम वनवास नाटक होगा। मुख्य आकर्षण कवि सम्मेलन में विभिन्न जनपदों से आ रहे कवियों की रचनाएं रहेंगी।