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घोड़ी चढ़ेगा अलखराम, प्रशासन करेगा सहयोग
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महोबा। माधवगंज निवासी अनुसूचित जाति का अलखराम चाहे तो घोड़ी चढ़ सकता है। प्रशासन के साथ गांव भी उसका सहयोग करेगा। इसको लेकर केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य व पूर्व सांसद अंजूबाला ने अफसरों को निर्देश दिए हैं।
मंगेतर के नाबालिग होने के चलते उन्होंने सुुझाव दिया कि दोनों के परिजन चाहें तो 18 जून को रोका (इंगेजमेंट) की रस्म कर सकते हैं। इसमें वह घोड़ी पर चढ़कर जा सकता है। हालांकि 18 जून को दोनों के परिजन रोका की रस्म करेंगे या नहीं, इस संबंध में अभी तय नहीं हुआ है।
गुरुवार को केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला और राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य तरुण खन्ना माधवगंज गांव पहुंचे और अलखराम के साथ ही ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि अलखराम के घोड़ी चढ़ने से उन्हें कोई समस्या नहीं है। वे उसकी शादी में सहयोग करेंगे। इसके बाद दोनों सदस्य अलखराम की ससुराल बीहट गांव पहुंचे। वहां उसकी मंगेतर और परिजनों से मुलाकात की।
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प्रशासन द्वारा शादी टाले जाने से परिवार के लोग दुखी नजर आए। आयोग की सदस्य अंजूबाला ने दोनों परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद बजरिया स्थित बिरमा भवन पहुंचकर डीएम सत्येंद्र कुमार और एसपी सुधा सिंह के साथ बैठक की। कहा कि उनके परिजनों ने बात की जाए। अगर वे चाहे तो 18 जून को तय शादी के दिन रोका कार्यक्रम कर सकते हैं, जिसमें अलखराम घोड़ी चढ़कर उनके घर जा सकता है।
पूरा मामला...
माधवगंज निवासी अनुसूचित जाति के दूल्हा अलखराम की शादी 18 जून को होनी थी। इसको लेकर उसने सोशल मीडिया के जरिये घोड़ी में चढ़ने को लेकर संगठनों से मदद मांगी थी। अलखराम के पिता गयादीन अहिरवार ने अपने पुत्र अलखराम को शादी में घोड़ी चढ़ने पर अनहोनी की आशंका जताई थी।
इसको लेकर महोबकंठ थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भीम आर्मी, कांग्रेस, सपा व अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने मदद का भरोसा दिलाया था, लेकिन शादी से एक सप्ताह पहले दुल्हन के नाबालिग होने की खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गई। 11 जून को कुलपहाड़ तहसील में अधिकारियों की उपस्थिति में दू्ल्हा अलखराम व उनकी होने वाली दुल्हन व परिजनों ने दुल्हन के बालिग होने तक शादी ना करने की लिखित सहमति दी थी।
मेडिकल बोर्ड करेगा उम्र की जांच
केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला से अलखराम ने अपनी मंगेतर की मेडिकल जांच कराने की बात कही है, जिससे उसकी उम्र का निर्धारण किया जा सके। इसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लड़की की मेडिकल जांच की जाए।
शैक्षिक प्रपत्र में नाबालिग तो वोटर कैसे
अलखराम ने डॉ. अंजू बाला को बातचीत में बताया कि अगर लड़की नाबालिग है तो वह वोटर लिस्ट में 19 वर्ष की कैसे हो गई। इसको लेकर आयोग की सदस्य ने बताया कि मामले को लेकर जांच कराई जाएगी जो अधिकारी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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मंगेतर के नाबालिग होने के चलते उन्होंने सुुझाव दिया कि दोनों के परिजन चाहें तो 18 जून को रोका (इंगेजमेंट) की रस्म कर सकते हैं। इसमें वह घोड़ी पर चढ़कर जा सकता है। हालांकि 18 जून को दोनों के परिजन रोका की रस्म करेंगे या नहीं, इस संबंध में अभी तय नहीं हुआ है।
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गुरुवार को केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला और राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य तरुण खन्ना माधवगंज गांव पहुंचे और अलखराम के साथ ही ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों ने बताया कि अलखराम के घोड़ी चढ़ने से उन्हें कोई समस्या नहीं है। वे उसकी शादी में सहयोग करेंगे। इसके बाद दोनों सदस्य अलखराम की ससुराल बीहट गांव पहुंचे। वहां उसकी मंगेतर और परिजनों से मुलाकात की।
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प्रशासन द्वारा शादी टाले जाने से परिवार के लोग दुखी नजर आए। आयोग की सदस्य अंजूबाला ने दोनों परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद बजरिया स्थित बिरमा भवन पहुंचकर डीएम सत्येंद्र कुमार और एसपी सुधा सिंह के साथ बैठक की। कहा कि उनके परिजनों ने बात की जाए। अगर वे चाहे तो 18 जून को तय शादी के दिन रोका कार्यक्रम कर सकते हैं, जिसमें अलखराम घोड़ी चढ़कर उनके घर जा सकता है।
पूरा मामला...
माधवगंज निवासी अनुसूचित जाति के दूल्हा अलखराम की शादी 18 जून को होनी थी। इसको लेकर उसने सोशल मीडिया के जरिये घोड़ी में चढ़ने को लेकर संगठनों से मदद मांगी थी। अलखराम के पिता गयादीन अहिरवार ने अपने पुत्र अलखराम को शादी में घोड़ी चढ़ने पर अनहोनी की आशंका जताई थी।
इसको लेकर महोबकंठ थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद भीम आर्मी, कांग्रेस, सपा व अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने मदद का भरोसा दिलाया था, लेकिन शादी से एक सप्ताह पहले दुल्हन के नाबालिग होने की खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गई। 11 जून को कुलपहाड़ तहसील में अधिकारियों की उपस्थिति में दू्ल्हा अलखराम व उनकी होने वाली दुल्हन व परिजनों ने दुल्हन के बालिग होने तक शादी ना करने की लिखित सहमति दी थी।
मेडिकल बोर्ड करेगा उम्र की जांच
केंद्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य डॉ. अंजू बाला से अलखराम ने अपनी मंगेतर की मेडिकल जांच कराने की बात कही है, जिससे उसकी उम्र का निर्धारण किया जा सके। इसको लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लड़की की मेडिकल जांच की जाए।
शैक्षिक प्रपत्र में नाबालिग तो वोटर कैसे
अलखराम ने डॉ. अंजू बाला को बातचीत में बताया कि अगर लड़की नाबालिग है तो वह वोटर लिस्ट में 19 वर्ष की कैसे हो गई। इसको लेकर आयोग की सदस्य ने बताया कि मामले को लेकर जांच कराई जाएगी जो अधिकारी कर्मचारी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए हैं।