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नवरात्र के बाद मां के भक्तों ने निकाले ज्वारे
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Thu, 06 Apr 2017 11:33 PM IST
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-मुंह में सांग छेदकर जवारा जुलूस निेकालते भक्तगण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नवरात्र समापन के दूसरे दिन जिले में मां दुर्गा की आस्था के प्रतीक ज्वारों को सिर में रखकर श्रद्धालुओं ने सभी मार्गों से निकाले। भक्तों ने मुंह में सांग छेदकर भक्ति का अनूठा प्रदर्शन किया।
रामनवमी के जुलूस के चलते ज्वारों का विसर्जन गुरुवार को किया गया। बेलाताल में कस्बे के खदियां गुसियाना, मलियाना, जमींदारी, बजरिया, मस्तयाना, मेन मार्केट, नयापुरा होते हुए एक दर्जन से अधिक स्थानों से ज्वारे एक साथ निकाले गए। साथ ही मुंह में देवी भक्तों ने सांग छेद कर मां के प्रति निष्ठा दिखाते हुए मां के जयकारे लगाए।
कबरई प्रतिनिधि के अनुसार बघवा, मोचीपुरा, मराठी, गौहारी होते हुए सभी प्रमुख मार्गों से ज्वारे अंदर कबरई बस्ती पहुंचे। लोगों ने ज्वाराें की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। और भक्ति भाव से मां की आस्था के प्रतीक जवारों का प्रसाद भी ग्रहण किया।
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बाद में दर्जन भर से अधिक ज्वारों को पांच पहाड़ी की तलैया में विसर्जित करा दिया गया। अजनर प्रतिनिध के अनुसार सिद्धबाबा परिसर में नौ दिन तक चले नवरात्रि पर्व के बाद जवारों के साथ सिद्धबाबा की झाकी भी निकाली गई। जो कस्बे के सभी प्रमुख मार्गो से होता हुआ सिद्धबाबा मंदिर परिसर में समाप्त हो गया।
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रामनवमी के जुलूस के चलते ज्वारों का विसर्जन गुरुवार को किया गया। बेलाताल में कस्बे के खदियां गुसियाना, मलियाना, जमींदारी, बजरिया, मस्तयाना, मेन मार्केट, नयापुरा होते हुए एक दर्जन से अधिक स्थानों से ज्वारे एक साथ निकाले गए। साथ ही मुंह में देवी भक्तों ने सांग छेद कर मां के प्रति निष्ठा दिखाते हुए मां के जयकारे लगाए।
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कबरई प्रतिनिधि के अनुसार बघवा, मोचीपुरा, मराठी, गौहारी होते हुए सभी प्रमुख मार्गों से ज्वारे अंदर कबरई बस्ती पहुंचे। लोगों ने ज्वाराें की पूजा अर्चना कर आरती उतारी। और भक्ति भाव से मां की आस्था के प्रतीक जवारों का प्रसाद भी ग्रहण किया।
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बाद में दर्जन भर से अधिक ज्वारों को पांच पहाड़ी की तलैया में विसर्जित करा दिया गया। अजनर प्रतिनिध के अनुसार सिद्धबाबा परिसर में नौ दिन तक चले नवरात्रि पर्व के बाद जवारों के साथ सिद्धबाबा की झाकी भी निकाली गई। जो कस्बे के सभी प्रमुख मार्गो से होता हुआ सिद्धबाबा मंदिर परिसर में समाप्त हो गया।