फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   abandoned grain from 136 days for aims

एम्स के लिए 136 दिन से कर रखा अन्न त्याग

Sun, 25 Dec 2016 09:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा Updated Sun, 25 Dec 2016 09:59 PM IST
विज्ञापन
abandoned grain from 136 days for aims
गरीबों को तहरी निकालकर बांटते तारा पाटकार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन
जिले में एम्स की मांग को लेकर समाजसेवी तारा पाटकार 136 दिन से उपवास पर बैठे हैं। इस दौरान उन्होंने अन्न का दाना ग्रहण नहीं किया और सिर्फ फल-सब्जी से गुजारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर यहां एम्स बन जाए तो बुंदेलखंड के 16 जिलों के करीब दो करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

बुंदेलखंड के लोगों को हक दिलाने के लिए तारा पाटकार लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। सूखे के चलते गरीबों को दो वक्त का भोजन नसीब न होने पर उन्होंने अपने साथी हाजी मुट्टन चच्चा के साथ अप्रैल 2015 में रोटी बैंक की शुरूआत की।
विज्ञापन


घर-घर जाकर दो रोटी और सब्जी इकट्ठी करने के बाद गरीबों के घर तक पहुंचाया। आठ माह से गरीबों को भोजन करा रहे रोटी बैंक के संयोजक तारा पाटकार ने महोबा में एम्स की मांग को लेकर करीब चार माह पहले आल्हा चौक पर उपवास शुरू किया। 136 दिन बीत जाने के बाद भी अन्न का एक दाना नहीं ग्रहण किया। जबकि दूसरों को हर रोज रोटी बैंक के जरिए भोजन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुंदेलखंड का हृदय स्थल महोबा यूपी और एमपी के 16 जनपदों के बीच बसा है। बुंदेलखंड के दो करोड़ लोगों को एम्स का लाभ दिलाने के लिए समाजसेवी तारा पाटकार उपवास स्थल पर डटे हैं। कभी फल तो कभी सब्जी और मूली का सेवन करके वक्त गुजार रहे हैं।


तारा पाटकार का कहना है कि मूली और फल से पेट नहीं भरता। लेकिन बुंदेलखंड के लोगों को एम्स दिलाने के लिए किसी न किसी को त्याग करना पड़ेगा। तभी बुंदेलखंड के 16 जिलों के बाशिंदों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed