फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   A scam was also being planned for the Kharif 2025 season; 52,000 insurance policies have been cancelled.

Mahoba News: खरीफ 2025 में भी थी घोटाले की तैयारी, 52 हजार बीमा पॉलिसियां निरस्त

Thu, 18 Dec 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा Updated Thu, 18 Dec 2025 11:55 PM IST
विज्ञापन
A scam was also being planned for the Kharif 2025 season; 52,000 insurance policies have been cancelled.
महोबा। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ 2024 में हुए करोड़ों के घोटाले को खरीफ 2025 में दोहराने की तैयारी थी। घोटालेबाजों ने इस बार भी बांध, सरकारी भूमि व दूसरे किसानों की भूमि का फसल बीमा करा लिया। प्रशासन ने एक-एक पॉलिसी की जांच कराई तो इस तरह के मामले सामने आए। जिस पर 52 हजार बीमा पॉलिसियों को निरस्त (रिजेक्ट) कर दिया गया है जबकि दस्तावेजों में कमी मिलने पर 46,700 पॉलिसियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
विज्ञापन

कभी सूखा तो कभी अतिवर्षा जैसी दैवी आपदाओं से बुंदेले किसान जूझ रहे हैं। यहां के किसानों के लिए वरदान मानी जाने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी घोटाले की भेंट चल गई। खरीफ 2024 में घोटालेबाजों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे किसानों के अलावा नदी, वन, तालाब, पहाड़, बंजर भूमि आदि का बीमा कराकर क्लेम निकाल लिया। लाखों रुपये का लाभ उठा चुके घोटालेबाजों ने वर्ष 2025 में इसे दोहराने की पूरी साजिश रच ली।
विज्ञापन

जिले में खरीफ 2025 में 2,67,418 किसानों ने बीमा पॉलिसी कराईं। जिसमें 1,26,042 ऋणी किसान और 1,41,376 गैर ऋणी किसान शामिल हैं। प्रशासन ने इन पॉलिसियों की जांच कराई तो चौंकाने वाले मामले सामने आए। पिछली वर्ष की तरह कई पाॅलिसियों में गड़बड़ी मिली तो कुछ पॉलिसी बांध व सरकारी भूमि की भी कराए जाने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएम गजल भारद्वाज ने बताया कि ऋणी किसानों की बीमा पॉलिसियों में से 1,231 पॉलिसी रद्द की गई हैं जबकि गैर ऋणी किसानों के प्राप्त 1,41,376 आवेदनों में से 82,028 आवेदनों का तहसील से सत्यापन कराया गया। 11,070 आवेदनों को चकबंदी विभाग से सत्यापित किया गया। 46,700 आवेदनों के अभिलेख कम होने, धुंधले होने या अन्य विसंगति होने पर बीमा पॉलिसी का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है जबकि सत्यापन के बाद 51,048 बीमा पॉलिसी में अभिलेख गलत होने, सही अभिलेख पोर्टल पर अपलोड न किए जाने और अन्य कारणों से रद्द किया गया है। यदि किसी किसान को लगता है कि उसका आवेदन गलत निरस्त हुआ है तो वह सही अभिलेखों के साथ शिकायती पत्र कृषि निदेशक कार्यालय में 30 दिसंबर तक दे सकता है। सत्यापन के बाद बीमा पॉलिसी सही पाए जाने पर उसे स्वीकार कराया जाएगा।
---------------

गलत बीमा पॉलिसी करने वाले सीएससी संचालकों पर होगी कार्रवाई
महोबा। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने फसल बीमा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जनसेवा केंद्रों में किसान जो भी अभिलेख लेकर पहुंचता है तो उसे पहले ऑनलाइन चेक करें। अभिलेख गड़बड़ होने पर पॉलिसी न करें। जिस सीएससी से गलत पॉलिसी अपलोड होगी, उसके संचालक पर कार्रवाई होगी।
---------------
रबी सीजन के लिए 31 दिसंबर तक कराएं बीमा
महोबा। खरीफ के बाद रबी सीजन में भी किसानों की फसलों का बीमा कराया जा रहा है। जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि रबी 2025 में अब तक 23,352 किसानों ने बीमा पॉलिसी कराई हैं। केसीसीधारक किसानों का बैंकों के माध्यम से बीमा होगा। गैर ऋणी किसान जनसेवा केंद्रों के माध्यम से बीमा करा सकते हैं।
---------------
खरीफ 2025 में इस तरह की गड़बड़ी आई सामने
दस से अधिक किसानों ने अर्जुन बांध का करा लिया बीमा
सीन-एक
महोबा। खरीफ 2024 में प्रधानमंत्री फसल बीमा में जिस तरह घोटाला किया गया। उसी तरह खरीफ 2025 में भी गड़बड़ी सामने आई। ब्लॉक जैतपुर के भटेवराखुर्द गांव में गनपत के नाम पर चार बीमा पॉलिसी कराई गईं। यह चारों पॉलिसी अर्जुन बांध की भूमि पर फसल की बोआई दिखाकर करा ली गईं। इन पॉलिसियों की जांच हुई तो मामला सामने आया। इन पॉलिसियों को रिजेक्ट किया गया। इसी तरह घनश्याम व किशोरी लाल ने भी अर्जुन बांध के क्षेत्रफल में खरीफ का बीमा कराकर क्लेम हड़पने का षड्यंत्र रचा। प्रशासन की जांच में यह मामला पकड़ा गया।

---------------
सीन-दो
पिता का नाम बदलकर कराई पॉलिसी, हुई रिजेक्ट
महोबा। खरीफ 2025 में फसल बीमा कराने वालों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में बेहद बारीकी से काम किया। गांव और किसान का नाम खतौनी में नहीं बदला। पिता का नाम बदल कर फसल बीमा कराया गया। तहसील कुलपहाड़ के खैरोकलां गांव में अजय कुमार के पिता का नाम दुलीचंद्र हैं लेकिन घोटालेबाजों ने गांव व किसान अजय का नाम नहीं बदला। कूटरचित दस्तावेज में अजय के पिता का नाम बदलकर बीमा कराया। उसे निरस्त किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed