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लोहिया आवास योजना बनी मजाक
Mahoba
Updated Fri, 14 Nov 2014 05:30 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। सपा सरकार की प्राथमिकता लोहिया ग्रामीण आवास योजना जिले में मजाक बन गई है। सरकार ने भले ही इस योजना का लाभ पाने वाले व्यक्ति की पात्रता के लिए तमाम शर्तें निर्धारित कर दी हाें, लेकिन अधिकारियों का इससे कोई लेना देना नहीं है। यही वजह है कि लोहिया ग्राम लुहेड़ी में पात्रता की शर्तों को ताक पर रखकर 50 अपात्राें को लोहिया आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं।
लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कच्चे मकानाें में रह रहे ग्रामीण, ऐसे परिवार जिसकी सालाना आय 36 हजार से अधिक नहीं है, ढाई एकड़ से कम भूमि वाले गरीब एवं भूमिहीन किसानाें को पक्के आवास स्वीकृत किए जाने हैं। योजना का लाभ ऐसे ग्रामीण भी ले सकते है, जिनके घर में मोटर साइकिल, ट्रैक्टर या अन्य कोई वाहन नहीं है। ब्लाक कबरई के ग्राम लुहेड़ी में पात्रता की शर्तों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से अपात्राें को लोहिया आवास बांट दिए गए हैं।
इन लोगों को स्वीकृत कर दिए लोहिया आवास
ग्राम लुहेड़ी निवासी लछिया पत्नी खूबा के पास पक्का मकान और इंदिरा आवास होने के बावजूद भी लोहिया आवास स्वीकृत किया गया। दुर्जी पत्नी कालिया के पास महामाया आवास है। पक्का मकान और महामाया आवास पा चुके ठाकुरदास को लोहिया आवास स्वीकृत किया गया। पप्पू पुत्र हल्के के पास पक्का मकान है। लड्डू पुत्र किशोरी की मां के नाम इंदिरा आवास, राजू पुत्र श्रीपत के पास महामाया आवास, जाहर पुत्र चूरामन के पास पक्का मकान होने के साथ ही सालाना आय 40 हजार रुपये है।हीरा पुत्र देशराज के पास यूपी और एमपी में जमीन दर्ज है। साथ ही सालाना आय 40 हजार रुपये है।
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इसी प्रकार रामस्वरूप पुत्र मथुरा के पास पांच एकड़ से अधिक भूमि, दिप्पू पुत्र रज्जन के पास पक्का कमरा, रविंद्र पुत्र गोविंदी, हरकिशन पुत्र जगदीश के पास पक्का मकान, पतिया पत्नी रमेश के पास महामाया आवास एवं पक्का मकान, मरिया पुत्र मकुंदा के पास महामाया आवास, नंदराम पुत्र कमला के पास पक्का मकान, दयाराम पुत्र किचुआ के पास पक्का मकान व भूमि, मदन पुत्र चूरामन के पास महामाया आवास, अशोक पुत्र कल्लू के पास इंदिरा आवास, मलखान पुत्र बाबा के पास पक्का मकान, कैलाश पुत्र रमेश के पास महामाया आवास है। ऐसे ही 50 सैकड़ा अपात्र लोगों को मनमाने ढंग से लोहिया ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है।
शासन को लग रहा 50 लाख का चूना-लोहिया गांव लुहेड़ी में मनमाने ढंग से अपात्राें को लोहिया आवास वितरित कर दिए जाने से जहां पात्र व्यक्ति लोहिया ग्रामीण आवास योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। वहीं सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। गांव में 50 से अधिक अपात्राें को लोहिया आवास वितरित किए गए हैं। गौरतलब है कि लोहिया ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को शासन द्वारा एक लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
50 हजार दो, लोहिया आवास लो- लोहिया आवास चाहिए तो 50 हजार दो और लोहिया आवास लो। डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम लुहेड़ी निवासी रामप्यारे पुत्र सुंदर ने डीएम वीरेश्वर सिंह को दिए पत्र में आरोप लगाया कि लोहिया आवास स्वीकृत करने के बदले में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। 50 हजार देने पर ही खाते में रुपये भेजने की बात कहने के साथ-साथ रुपए न देने पर आवास निरस्त कर किसी अन्य के नाम स्वीकृत करने की धमकी मिल रही है। उधर ग्राम पंचायत सचिव बाबूलाल का कहना है कि उन्हाेंने कोई पैसे की मांग नहीं की है। लगाया गया आरोप निराधार है।
सूची चार महीने पहले बनी थी। तब मै बीडीओ नहीं था। डीएम ने दो जिलास्तरीय अधिकारी और तत्कालीन बीडीओ को लगाकर जांच कराई थी। इसके बाद सूची को डीएम ने फाइनल किया था। इसके बाद भी जो गड़बड़ी पाई जाएगी, तो पुन: जांच होगी। जांच के बाद अपात्राें के नाम काटे जाएंगे।-ओमप्रकाश मिश्रा, बीडीओ ब्लाक कबरई।
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लोहिया ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कच्चे मकानाें में रह रहे ग्रामीण, ऐसे परिवार जिसकी सालाना आय 36 हजार से अधिक नहीं है, ढाई एकड़ से कम भूमि वाले गरीब एवं भूमिहीन किसानाें को पक्के आवास स्वीकृत किए जाने हैं। योजना का लाभ ऐसे ग्रामीण भी ले सकते है, जिनके घर में मोटर साइकिल, ट्रैक्टर या अन्य कोई वाहन नहीं है। ब्लाक कबरई के ग्राम लुहेड़ी में पात्रता की शर्तों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से अपात्राें को लोहिया आवास बांट दिए गए हैं।
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इन लोगों को स्वीकृत कर दिए लोहिया आवास
ग्राम लुहेड़ी निवासी लछिया पत्नी खूबा के पास पक्का मकान और इंदिरा आवास होने के बावजूद भी लोहिया आवास स्वीकृत किया गया। दुर्जी पत्नी कालिया के पास महामाया आवास है। पक्का मकान और महामाया आवास पा चुके ठाकुरदास को लोहिया आवास स्वीकृत किया गया। पप्पू पुत्र हल्के के पास पक्का मकान है। लड्डू पुत्र किशोरी की मां के नाम इंदिरा आवास, राजू पुत्र श्रीपत के पास महामाया आवास, जाहर पुत्र चूरामन के पास पक्का मकान होने के साथ ही सालाना आय 40 हजार रुपये है।हीरा पुत्र देशराज के पास यूपी और एमपी में जमीन दर्ज है। साथ ही सालाना आय 40 हजार रुपये है।
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इसी प्रकार रामस्वरूप पुत्र मथुरा के पास पांच एकड़ से अधिक भूमि, दिप्पू पुत्र रज्जन के पास पक्का कमरा, रविंद्र पुत्र गोविंदी, हरकिशन पुत्र जगदीश के पास पक्का मकान, पतिया पत्नी रमेश के पास महामाया आवास एवं पक्का मकान, मरिया पुत्र मकुंदा के पास महामाया आवास, नंदराम पुत्र कमला के पास पक्का मकान, दयाराम पुत्र किचुआ के पास पक्का मकान व भूमि, मदन पुत्र चूरामन के पास महामाया आवास, अशोक पुत्र कल्लू के पास इंदिरा आवास, मलखान पुत्र बाबा के पास पक्का मकान, कैलाश पुत्र रमेश के पास महामाया आवास है। ऐसे ही 50 सैकड़ा अपात्र लोगों को मनमाने ढंग से लोहिया ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है।
शासन को लग रहा 50 लाख का चूना-लोहिया गांव लुहेड़ी में मनमाने ढंग से अपात्राें को लोहिया आवास वितरित कर दिए जाने से जहां पात्र व्यक्ति लोहिया ग्रामीण आवास योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। वहीं सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। गांव में 50 से अधिक अपात्राें को लोहिया आवास वितरित किए गए हैं। गौरतलब है कि लोहिया ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को शासन द्वारा एक लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
50 हजार दो, लोहिया आवास लो- लोहिया आवास चाहिए तो 50 हजार दो और लोहिया आवास लो। डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम लुहेड़ी निवासी रामप्यारे पुत्र सुंदर ने डीएम वीरेश्वर सिंह को दिए पत्र में आरोप लगाया कि लोहिया आवास स्वीकृत करने के बदले में ग्राम पंचायत सचिव द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। 50 हजार देने पर ही खाते में रुपये भेजने की बात कहने के साथ-साथ रुपए न देने पर आवास निरस्त कर किसी अन्य के नाम स्वीकृत करने की धमकी मिल रही है। उधर ग्राम पंचायत सचिव बाबूलाल का कहना है कि उन्हाेंने कोई पैसे की मांग नहीं की है। लगाया गया आरोप निराधार है।
सूची चार महीने पहले बनी थी। तब मै बीडीओ नहीं था। डीएम ने दो जिलास्तरीय अधिकारी और तत्कालीन बीडीओ को लगाकर जांच कराई थी। इसके बाद सूची को डीएम ने फाइनल किया था। इसके बाद भी जो गड़बड़ी पाई जाएगी, तो पुन: जांच होगी। जांच के बाद अपात्राें के नाम काटे जाएंगे।-ओमप्रकाश मिश्रा, बीडीओ ब्लाक कबरई।