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नामजदों को छोड़ने पर लगाया जाम
Mahoba
Updated Sun, 24 Aug 2014 05:30 AM IST
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कबरई महोबा। एक पखवाड़ा पहले कस्बे के एक युवक की हत्या कर वर्मा तालाब में शव गाड़ दिए जाने के मामले में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा छोड़ दिए जाने से खफा मृतक के परिजनों और पड़ोसियों ने कानपुर सागर हाइवे में चक्का जाम कर दिया। इससे दो घंटे तक हाइवे के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन फंसे रहे। दो घंटे बाद अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कराने पर जाम खोला गया।
कबरई कस्बे के पांच पहाड़ी निवासी सूरज यादव के पुत्र मुकेश यादव की आठ अगस्त को नृशंस हत्या कर शव को वर्मा तालाब के अंदर पानी में गाड़ दिया गया था। परिजनों ने संदेह के आधार पर खोजबीन करते हुए अपने पुत्र का शव खोज निकाला। साथ ही लाखन यादव, भूषण यादव, वीरू यादव, हरिशंकर, विष्णु शर्मा सहित पांच लोगाें के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा कबरई थाने में दर्ज कराया था।
मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई पुलिस ने पांचों नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। 15 अगस्त तक गिरफ्तार नामजद अभियुक्तों को जेल न भेजकर थाने में रोके रखा और बाद में छोड़ दिया गया। इससे नाराज मृतक के परिजनों ने कुन्हेटा मार्ग में पिछले सप्ताह जाम लगाया था। तब थानाध्यक्ष रमेश पटेल ने जल्द फिरसे अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था।
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एक सप्ताह गुजर जाने के बाद पुलिस ने छोड़े गए नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे मृतक के परिजन और पड़ोसियों का गुस्सा पुलिस के खिलाफ फूट पड़ा। ग्रामीणाें ने छंगा तिराहे पर कानपुर- सागर हाईवे में फिर से जाम लगा दिया और महिलाएं भी जाम में शामिल हो गईं। हाथाें में पुलिस के खिलाफ नारे लिखे तख्तियां लिए आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
मृतक के पिता सूरज यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अभियुक्तों से लेनदेन कर उन्हें छोड़ दिया। जब तक वे गिरफ्तार नहीं होते जाम नहीं खुलेगा। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक रामयश और सीओ सदर संदीप सिंह ने नामजद अभियुक्तों को एक घंटे के अंदर गिरफ्तार करा लिया। जिसके बाद जाम खोल दिया गया। जाम के चलते कानपुर मार्ग में शक्ति स्टोन तक और महोबा की ओर बांदा तिराहे तक वाहन फंसे रहे। जाम खुलते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
एएसपी ने मीडियाकर्मियों से की अभद्रता- कबरई महोबा। दो बार जाम लगाने के बावजूद मामले का निस्तारण न होते देख और मृतक के परिजनों को ही थाने मेें बैठाकर डंाटने डपटने की जानकारी होने पर जब मीडिया कर्मी थाने एएसपी से मामले की जानकारी करने पहुंचे तो वे आगबबूला हो गए और बोले ये मेरा निजी घरेलू थाना है। आप लोग अंदर कैसे बिना परमीशन के आ गए। उन्हाेंने मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्रता की। जिससे मृतक के परिजनों और अभियुक्तों से मीडियाकर्मी मिल न सकें। इस मामले में उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक के इस बर्ताव पर प्रेस क्लब ने अपर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आंदोलन की धमकी दी है।
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कबरई कस्बे के पांच पहाड़ी निवासी सूरज यादव के पुत्र मुकेश यादव की आठ अगस्त को नृशंस हत्या कर शव को वर्मा तालाब के अंदर पानी में गाड़ दिया गया था। परिजनों ने संदेह के आधार पर खोजबीन करते हुए अपने पुत्र का शव खोज निकाला। साथ ही लाखन यादव, भूषण यादव, वीरू यादव, हरिशंकर, विष्णु शर्मा सहित पांच लोगाें के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा कबरई थाने में दर्ज कराया था।
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मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई पुलिस ने पांचों नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। 15 अगस्त तक गिरफ्तार नामजद अभियुक्तों को जेल न भेजकर थाने में रोके रखा और बाद में छोड़ दिया गया। इससे नाराज मृतक के परिजनों ने कुन्हेटा मार्ग में पिछले सप्ताह जाम लगाया था। तब थानाध्यक्ष रमेश पटेल ने जल्द फिरसे अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था।
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एक सप्ताह गुजर जाने के बाद पुलिस ने छोड़े गए नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे मृतक के परिजन और पड़ोसियों का गुस्सा पुलिस के खिलाफ फूट पड़ा। ग्रामीणाें ने छंगा तिराहे पर कानपुर- सागर हाईवे में फिर से जाम लगा दिया और महिलाएं भी जाम में शामिल हो गईं। हाथाें में पुलिस के खिलाफ नारे लिखे तख्तियां लिए आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
मृतक के पिता सूरज यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अभियुक्तों से लेनदेन कर उन्हें छोड़ दिया। जब तक वे गिरफ्तार नहीं होते जाम नहीं खुलेगा। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक रामयश और सीओ सदर संदीप सिंह ने नामजद अभियुक्तों को एक घंटे के अंदर गिरफ्तार करा लिया। जिसके बाद जाम खोल दिया गया। जाम के चलते कानपुर मार्ग में शक्ति स्टोन तक और महोबा की ओर बांदा तिराहे तक वाहन फंसे रहे। जाम खुलते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
एएसपी ने मीडियाकर्मियों से की अभद्रता- कबरई महोबा। दो बार जाम लगाने के बावजूद मामले का निस्तारण न होते देख और मृतक के परिजनों को ही थाने मेें बैठाकर डंाटने डपटने की जानकारी होने पर जब मीडिया कर्मी थाने एएसपी से मामले की जानकारी करने पहुंचे तो वे आगबबूला हो गए और बोले ये मेरा निजी घरेलू थाना है। आप लोग अंदर कैसे बिना परमीशन के आ गए। उन्हाेंने मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्रता की। जिससे मृतक के परिजनों और अभियुक्तों से मीडियाकर्मी मिल न सकें। इस मामले में उन्होंने कुछ भी जानकारी देने से मना कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक के इस बर्ताव पर प्रेस क्लब ने अपर पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आंदोलन की धमकी दी है।