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योजनाओं में मिली खामियां डीएम ने 8 को किया बर्खास्त
Mahoba
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:31 AM IST
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चरखारी (महोबा)। लोहिया समग्र ग्राम रिवई में चौपाल के दौरान जिलाधिकारी डॉ. काजल ने कल्याणकारी योजनाआें में खामियां मिलने पर कड़े तेवर दिखाए। योजनाआें का बिंदुवार सत्यापन करते हुए उन्हाेंने जननी सुरक्षा योजना में कोताही बरतने और गायब रहने वाली चार आशा बहुआें को बर्खास्त किए जाने का आदेश दिया। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन और पोषाहार वितरण में उदासीनता पर चार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें की सेवा समाप्त किए जाने का आदेश दिया। गांव में परिवाराें से अधिक राशन कार्ड मिलने पर उन्हाेंने टीम गठित कर घर-घर सत्यापन करने का आदेश दिया।
विकासखंड चरखारी के लोहिया ग्राम रिवई में बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चौपाल लगाकर योजनाआें का सत्यापन किया गया। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियाें का सत्यापन किया। जिसकी पुष्टि न होने और गर्भधात्री महिला को चेक दिए जाने की जानकारी न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को नियमित जांच करने की हिदायत दी। गांव से अधिकतर गायब रहने वाली चार आशा बहुआें को बर्खास्त करने और एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा। बाल विकास परियोजना विभाग के लाभार्थियाें से जानकारी लेने पर अधिकतर केंद्र बंद मिलने से खफा डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें के अभिलेख तलब किए। आधे-अधूरे रिकार्ड मिलने पर उन्हें भी बर्खास्त करने का आदेश दिया। बाल विकास परियोजना के सुपरवाईजर और सीडीपीओ का स्पष्टीकरण मांगा।
राशन वितरण की समीक्षा के दौरान एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय कार्डों की संख्या पूछने के बाद गांव के कुल परिवाराें से अधिक राशन कार्ड निर्गत होने की भिन्नता देखकर उन्हाेंने नाराजगी जताई। खंड विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और ग्राम सचिव के साथ लेखपाल की संयुक्त टीम गठित कर घर-घर जांच करने की हिदायत दी और अपात्राें के राशन कार्ड निरस्त करने का आदेश दिया। चकरोड, नाला, खाद के गड्ढे, श्मशान घाट और ग्राम पंचायत की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाए जाने के निर्देश दिए। गांव को संतृप्त किए जाने के लिए लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, जल निगम और विकास महकमे की कार्य योजना को भी पढ़ा गया।
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चौपाल के बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों से पूछताछ की। इंदिरा आवास और शौचालय के लाभार्थियाें का सत्यापन किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी एके द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, उप जिलाधिकारी सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज कनौजिया, जिला विद्यालय निरीक्षक मंशाराम, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एके अग्रवाल, बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्रा, समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमण, अल्पसंख्यक अधिकारी गंगा सिंह राजपूत, ग्राम प्रधान भजनलाल, ग्राम सचिव रूपेश निगम आदि मौजूद रहे।
तर्कों के अंतर से खुली पोल
चरखारी (महोबा)। लोहिया ग्राम रिवई में चौपाल दौरान अतिक्रमण, कब्जा के मामले पर डीएम के सख्त रुख के सामने भूमि प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव के तर्कों में अंतर से हकीकत खुल गई। ग्राम प्रधान भजन लाल ने सार्वजनिक भूमि, श्मशान, तालाब, नाला और चकरोड की जमीन पर अतिक्रमण होना स्वीकार किया। वहीं पदेन सचिव हल्का लेखपाल ने अतिक्रमण मुक्त गांव होने की बात कही। जिस पर एसडीएम सुनील कुमार ने कहा कि अगर कहीं भी आरक्षित भूमि पर कब्जा पाया गया तो लेखपाल जिम्मेदार होगा। मामले में डीएम ने जांच की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी।
लाभार्थियाें की भीड़ को किया संतुष्ट
चरखारी (महोबा)। लोहिया ग्राम रिवई की चौपाल में डीएम ने कल्याणकारी योजनाआें का लाभ पाने के लिए अपात्राें की भरमार को देख चतुराई से ग्रामीणाें को संतुष्ट किया। उन्हाेंने कहा कि इंदिरा आवास, पेंशन और पट्टाें से पहले से ही गांव संतृप्त है। योजनाआें का लाभ गरीबाें को मिलना चाहिए। उन्हाेंने ग्रामीणाें को सीमित संसाधनाें के बीच परिवार नियोजन की नसीहत दी।
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विकासखंड चरखारी के लोहिया ग्राम रिवई में बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चौपाल लगाकर योजनाआें का सत्यापन किया गया। डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियाें का सत्यापन किया। जिसकी पुष्टि न होने और गर्भधात्री महिला को चेक दिए जाने की जानकारी न मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को नियमित जांच करने की हिदायत दी। गांव से अधिकतर गायब रहने वाली चार आशा बहुआें को बर्खास्त करने और एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा। बाल विकास परियोजना विभाग के लाभार्थियाें से जानकारी लेने पर अधिकतर केंद्र बंद मिलने से खफा डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें के अभिलेख तलब किए। आधे-अधूरे रिकार्ड मिलने पर उन्हें भी बर्खास्त करने का आदेश दिया। बाल विकास परियोजना के सुपरवाईजर और सीडीपीओ का स्पष्टीकरण मांगा।
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राशन वितरण की समीक्षा के दौरान एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय कार्डों की संख्या पूछने के बाद गांव के कुल परिवाराें से अधिक राशन कार्ड निर्गत होने की भिन्नता देखकर उन्हाेंने नाराजगी जताई। खंड विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और ग्राम सचिव के साथ लेखपाल की संयुक्त टीम गठित कर घर-घर जांच करने की हिदायत दी और अपात्राें के राशन कार्ड निरस्त करने का आदेश दिया। चकरोड, नाला, खाद के गड्ढे, श्मशान घाट और ग्राम पंचायत की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाए जाने के निर्देश दिए। गांव को संतृप्त किए जाने के लिए लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, जल निगम और विकास महकमे की कार्य योजना को भी पढ़ा गया।
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चौपाल के बाद डीएम ने प्राथमिक विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों से पूछताछ की। इंदिरा आवास और शौचालय के लाभार्थियाें का सत्यापन किया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी एके द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी वाईके उपाध्याय, उप जिलाधिकारी सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी नीरज कनौजिया, जिला विद्यालय निरीक्षक मंशाराम, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एके अग्रवाल, बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्रा, समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमण, अल्पसंख्यक अधिकारी गंगा सिंह राजपूत, ग्राम प्रधान भजनलाल, ग्राम सचिव रूपेश निगम आदि मौजूद रहे।
तर्कों के अंतर से खुली पोल
चरखारी (महोबा)। लोहिया ग्राम रिवई में चौपाल दौरान अतिक्रमण, कब्जा के मामले पर डीएम के सख्त रुख के सामने भूमि प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव के तर्कों में अंतर से हकीकत खुल गई। ग्राम प्रधान भजन लाल ने सार्वजनिक भूमि, श्मशान, तालाब, नाला और चकरोड की जमीन पर अतिक्रमण होना स्वीकार किया। वहीं पदेन सचिव हल्का लेखपाल ने अतिक्रमण मुक्त गांव होने की बात कही। जिस पर एसडीएम सुनील कुमार ने कहा कि अगर कहीं भी आरक्षित भूमि पर कब्जा पाया गया तो लेखपाल जिम्मेदार होगा। मामले में डीएम ने जांच की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी।
लाभार्थियाें की भीड़ को किया संतुष्ट
चरखारी (महोबा)। लोहिया ग्राम रिवई की चौपाल में डीएम ने कल्याणकारी योजनाआें का लाभ पाने के लिए अपात्राें की भरमार को देख चतुराई से ग्रामीणाें को संतुष्ट किया। उन्हाेंने कहा कि इंदिरा आवास, पेंशन और पट्टाें से पहले से ही गांव संतृप्त है। योजनाआें का लाभ गरीबाें को मिलना चाहिए। उन्हाेंने ग्रामीणाें को सीमित संसाधनाें के बीच परिवार नियोजन की नसीहत दी।