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विभिन्न देशाें के 200 सैलानी निहारेंगे चरखारी की सुंदरता
Mahoba
Updated Fri, 01 Feb 2013 05:30 AM IST
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चरखारी (महोबा)। बुंदेलखंड के कश्मीर चरखारी की प्राकृतिक सुंदरता के प्रति विदेशी सैलानियाें का ध्यान खींचने के लिए कवायद शुरू हो गई है। 2 फरवरी को पहली बार विभिन्न देशाें के 200 पर्यटक रियासती नगर की रमणीकता को निहारेंगे। आने वाले यह सैलानी रियासती राजमहल के मेहमान बनेंगे। इस दौरान बुंदेली विधा के विभिन्न कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने बातचीत में बताया कि रियासती नगर में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद सैलानियाें का ध्यान खींचने के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। पहली बार 2 फरवरी को 200 विदेशी पर्यटकाें के यहां आने का कार्यक्रम निर्धारित हो गया है। उन्हाेंने कहा कि चरखारी की अद्भुत सुंदरता को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए यह प्रयास किया गया है। आने वाले सैलानियाें के ठहरने की व्यवस्था ड्योढ़ी के राजमहल में की गई है। मेहमानों की खातिरदारी के लिए बेहतर बंदोबस्त किए गए हैं। पूर्व सांसद ने बताया कि सैलानियाें का ध्यान खींचने के लिए विलुप्त होती बुंदेली विधा के विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकाराें द्वारा किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अगर प्रशासन सरोवराें और ड्योढ़ी के आसपास सुंदरीकरण करा दे तो विदेशी पर्यटकाें के लिए चरखारी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन सकता है।
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पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने बातचीत में बताया कि रियासती नगर में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद सैलानियाें का ध्यान खींचने के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। पहली बार 2 फरवरी को 200 विदेशी पर्यटकाें के यहां आने का कार्यक्रम निर्धारित हो गया है। उन्हाेंने कहा कि चरखारी की अद्भुत सुंदरता को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए यह प्रयास किया गया है। आने वाले सैलानियाें के ठहरने की व्यवस्था ड्योढ़ी के राजमहल में की गई है। मेहमानों की खातिरदारी के लिए बेहतर बंदोबस्त किए गए हैं। पूर्व सांसद ने बताया कि सैलानियाें का ध्यान खींचने के लिए विलुप्त होती बुंदेली विधा के विभिन्न कार्यक्रमाें का आयोजन क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकाराें द्वारा किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि अगर प्रशासन सरोवराें और ड्योढ़ी के आसपास सुंदरीकरण करा दे तो विदेशी पर्यटकाें के लिए चरखारी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन सकता है।
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