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देवी मां की आराधना में बिजली का खलल
Mahoba
Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
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महोबा। नवरात्र पर बिजली व्यवस्था चौकस रखने के जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी अघोषित कटौती बरकरार है। पर्व के मौके पर बिजली की आंखमिचौली से श्रद्धालुआें में खासा गुस्सा है।
जिले में बिजली कटौती का संकट पिछले दो माह से बरकरार है। अघोषित बिजली कटौती के चलते शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकाें को 24 घंटे में से 14 घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। शाम होते ही बिजली कटौती होने से लोगों में आक्रोश है। नवरात्र को देखते हुए जिलाधिकारी डा. काजल ने जिलास्तरीय बैठक में खासतौर से बिजली विभाग को बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी थी। इसके बाद भी आपूर्ति पर सुधार तो दूर कटौती और बढ़ गई है।
नवरात्र में शहर के अलावा ग्रामीण इलाकाें में सजे देवी पंडालाें में आकर्षक सजावट के साथ दूर-दूर तक रोशनी का बंदोबस्त किया गया है। लेकिन शाम से ही बिजली की आंखमिचौली शुरू हो जाती है। अंधरे में किसी तरह अस्थाई व्यवस्था कर भक्ताें को माता के दर्शन करने पड़ रहे हैं। मंदिरों और पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने में पूजा समितियाें के सदस्याें को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इससे भक्तों में खासा आक्रोश है। अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि रोस्टर के मुताबिक सुबह 7 से 10 बजे तक और दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक कटौती होती है। रात में कभी कभार दो-तीन घंटे की कटौती हो जाती है। उन्हाेंने दावा कि 15 घंटे से अधिक बिजली दी जा रही है।
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दो माह से फुंकी पड़ी है डीपी
खरेला महोबा। अंबेडकर ग्राम रहे पहरेथा में दो माह से दलित आबादी की डीपी फुंकने से बाशिंदे अंधेरे में हैं। उप जिलाधिकारी चरखारी को शिकायत के साथ-साथ बिजली विभाग के जेई को अवगत कराने के बावजूद डीपी नहीं बदली गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लखनलाल द्विवेदी ने बताया कि दलित आबादी के बीच रखी डीपी से एक दर्जन कनेक्शन जुड़े हैं। डीपी न बदले जाने से दो महीने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणाें की समस्या को देखते हुए महकमे को अवगत कराया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जेई नवनीत यादव ने बताया कि स्टीमेट भेज दिया गया है। जल्द ही डीपी बदल दी जाएगी।
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जिले में बिजली कटौती का संकट पिछले दो माह से बरकरार है। अघोषित बिजली कटौती के चलते शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकाें को 24 घंटे में से 14 घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। शाम होते ही बिजली कटौती होने से लोगों में आक्रोश है। नवरात्र को देखते हुए जिलाधिकारी डा. काजल ने जिलास्तरीय बैठक में खासतौर से बिजली विभाग को बिजली आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की सख्त हिदायत दी थी। इसके बाद भी आपूर्ति पर सुधार तो दूर कटौती और बढ़ गई है।
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नवरात्र में शहर के अलावा ग्रामीण इलाकाें में सजे देवी पंडालाें में आकर्षक सजावट के साथ दूर-दूर तक रोशनी का बंदोबस्त किया गया है। लेकिन शाम से ही बिजली की आंखमिचौली शुरू हो जाती है। अंधरे में किसी तरह अस्थाई व्यवस्था कर भक्ताें को माता के दर्शन करने पड़ रहे हैं। मंदिरों और पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने में पूजा समितियाें के सदस्याें को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इससे भक्तों में खासा आक्रोश है। अधिशाषी अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि रोस्टर के मुताबिक सुबह 7 से 10 बजे तक और दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक कटौती होती है। रात में कभी कभार दो-तीन घंटे की कटौती हो जाती है। उन्हाेंने दावा कि 15 घंटे से अधिक बिजली दी जा रही है।
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दो माह से फुंकी पड़ी है डीपी
खरेला महोबा। अंबेडकर ग्राम रहे पहरेथा में दो माह से दलित आबादी की डीपी फुंकने से बाशिंदे अंधेरे में हैं। उप जिलाधिकारी चरखारी को शिकायत के साथ-साथ बिजली विभाग के जेई को अवगत कराने के बावजूद डीपी नहीं बदली गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि लखनलाल द्विवेदी ने बताया कि दलित आबादी के बीच रखी डीपी से एक दर्जन कनेक्शन जुड़े हैं। डीपी न बदले जाने से दो महीने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणाें की समस्या को देखते हुए महकमे को अवगत कराया। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जेई नवनीत यादव ने बताया कि स्टीमेट भेज दिया गया है। जल्द ही डीपी बदल दी जाएगी।