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75 फीसदी पहाड़ बंद होने से पत्थर कारोबार प्रभावित
महोबा
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:37 PM IST
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नवीनीकरण न होने से पहाड़ों में पसरा सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पत्थर मंडी कबरई में पहाड़ों का रिन्यूवल न होने से 75 फीसदी पहाड़ों पर काम बंद हो गया है। इससे लाखों रुपये प्रतिमाह राजस्व का नुकसान हो रहा है। रायल्टी में आई भारी कमी के चलते रायल्टी न मिलने से गिट्टी से लदी गाड़ियां समय से नहीं निकल पाती हैं। पहाड़ों में काम न मिलने से 10 हजार श्रमिक बेकार हो गए हैं।
गौरतलब है कि नए पहाड़ के पट्टे और पुराने पट्टों का रिन्यूवल न होने से पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई के 75 फीसदी पहाड़ों पर सन्नाटा पसरा है। पहाड़ों का काम बंद हो जाने से 10 हजार श्रमिक बेरोजगार हो गए है। काम न मिलने से श्रमिक महानगरों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
जिले में यह पहला मौका है जब क्रेशर संचालकों को रायल्टी के लाले पड़े है। हालात ये है कि पिछले एक साल के अंदर रिन्यू होने वाले पहाड़ों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। वहीं, एक साल पहले हुए पहाड़ के पट्टों को भी रायल्टी नहीं दी जा रही है। जिससे पत्थर मंडी में रायल्टी की भारी समस्या पैदा हो गई है।
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इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है। कबरई मंडी में प्रतिदिन छह हजार से ज्यादा गाड़ियां गिट्टी लेने आती हैं। लेकिन यहां पर रायल्टी की भारी कमी के चलते 25 फीसदी गाड़ियां आना कम हो गई हैं।
गौरतलब है कि नए पहाड़ के पट्टे और पुराने पट्टों का रिन्यूवल न होने से पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई के 75 फीसदी पहाड़ों पर सन्नाटा पसरा है। पहाड़ों का काम बंद हो जाने से 10 हजार श्रमिक बेरोजगार हो गए है। काम न मिलने से श्रमिक महानगरों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
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जिले में यह पहला मौका है जब क्रेशर संचालकों को रायल्टी के लाले पड़े है। हालात ये है कि पिछले एक साल के अंदर रिन्यू होने वाले पहाड़ों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। वहीं, एक साल पहले हुए पहाड़ के पट्टों को भी रायल्टी नहीं दी जा रही है। जिससे पत्थर मंडी में रायल्टी की भारी समस्या पैदा हो गई है।
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इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है। कबरई मंडी में प्रतिदिन छह हजार से ज्यादा गाड़ियां गिट्टी लेने आती हैं। लेकिन यहां पर रायल्टी की भारी कमी के चलते 25 फीसदी गाड़ियां आना कम हो गई हैं।