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जिला कारागार के लिए 65.30 करोड़ स्वीकृत
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:14 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शासन ने जिला कारागार के लिए 65.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किया है। राजस्व विभाग ने 18 हेक्टेअर जमीन का चयन भी कर लिया है। इसमें 11 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की है। शेष सात हेक्टेयर भूमि आसपास के 14 किसानों की अधिग्रहीत की गई है। इससे जल्द ही जिला कारागार की इमारत बनने के आसार बढ़ गए है।
गौरतलब है कि 11 फरवरी 1995 को महोबा जिले का गठन हो गया था। जिला बनने के 22 साल बाद भी जिला कारागार नहीं बन सका। सालों से जमीन की चल रही तलाश के बाद बिलवई रोड पर अब प्रशासन ने 18 हेक्टेयर भूमि चयनित कर ली है। राजस्व विभाग और सीएनडीएस विभाग के अधिकारियों ने भूमि की नापतौल कर सीमांकन भी करा दिया है। इससे जल्द ही जिला कारागार की इमारत का निमार्ण शुरू होगा।
राजस्व विभाग ने श्याम, काशीराम समेत 13 किसानों की जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली है। सिर्फ एक किसान की रजिस्ट्री कराना शेष रह गया है। कारागार के निर्माण की जिम्मेदारी सीएनडीएस विभाग को सौंपी गई है। सीएनडीएस विभाग ने राजस्व विभाग की टीम के साथ बिलवई रोड पर जाकर भूमि का सीमांकन कराया। प्रोजेक्ट मैनेजर आरएन पांडेय का कहना है कि जल्द ही जिला कारागार की इमारत का निर्माण कराया जाएगा।
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गौरतलब है कि 11 फरवरी 1995 को महोबा जिले का गठन हो गया था। जिला बनने के 22 साल बाद भी जिला कारागार नहीं बन सका। सालों से जमीन की चल रही तलाश के बाद बिलवई रोड पर अब प्रशासन ने 18 हेक्टेयर भूमि चयनित कर ली है। राजस्व विभाग और सीएनडीएस विभाग के अधिकारियों ने भूमि की नापतौल कर सीमांकन भी करा दिया है। इससे जल्द ही जिला कारागार की इमारत का निमार्ण शुरू होगा।
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राजस्व विभाग ने श्याम, काशीराम समेत 13 किसानों की जमीन की रजिस्ट्री भी करा ली है। सिर्फ एक किसान की रजिस्ट्री कराना शेष रह गया है। कारागार के निर्माण की जिम्मेदारी सीएनडीएस विभाग को सौंपी गई है। सीएनडीएस विभाग ने राजस्व विभाग की टीम के साथ बिलवई रोड पर जाकर भूमि का सीमांकन कराया। प्रोजेक्ट मैनेजर आरएन पांडेय का कहना है कि जल्द ही जिला कारागार की इमारत का निर्माण कराया जाएगा।
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