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अब मोदी को बुंदेलखंड से चुनाव लड़ाने की मांग उठी
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मोदी को बुंदेलखंड से चुनाव लड़ाने की मांग उठी
महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर शहर के आल्हा चौक में 28 जून से चल रहे अनशन के बुधवार को 250 दिन पूरे हो गए। इस मौके पर अनशन की अगुवाई कर रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बार बनारस से नहीं बुंदेलखंड से लोकसभा चुनाव लड़ने की मांग उठाई है ताकि बुंदेलखंड का कुछ भला हो सके।
अनशन स्थल पर तारा पाटकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी को झांसी में हुई रैली में कहा था कि बनारस रानी लक्ष्मी बाई की जन्मभूमि थी तो झांसी (बुंदेलखंड) उनकी कर्मभूमि रही है। इसलिए बुंदेलखंड से मेरा गहरा नाता है। प्रधानमंत्री को इस रिश्ते का ख्याल रखते हुए अब यहां से चुनाव लड़ना चाहिए। यदि प्रधानमंत्री इस इलाके से चुनाव लड़ते हैं तो संभव है कि 15 साल पहले अटल सरकार के समय बनी केन बेतवा जल परियोजना जल्द शुरू हो जाए। यहां की मरणासन्न स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ सुधार हो जाए। अनशन स्थल पर हरीओम निषाद, यशपाल सिंह, भागीरथ शर्मा, प्रेम साहू, प्रभुदयाल, अशोक पाटकर आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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महोबा। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर शहर के आल्हा चौक में 28 जून से चल रहे अनशन के बुधवार को 250 दिन पूरे हो गए। इस मौके पर अनशन की अगुवाई कर रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बार बनारस से नहीं बुंदेलखंड से लोकसभा चुनाव लड़ने की मांग उठाई है ताकि बुंदेलखंड का कुछ भला हो सके।
अनशन स्थल पर तारा पाटकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी को झांसी में हुई रैली में कहा था कि बनारस रानी लक्ष्मी बाई की जन्मभूमि थी तो झांसी (बुंदेलखंड) उनकी कर्मभूमि रही है। इसलिए बुंदेलखंड से मेरा गहरा नाता है। प्रधानमंत्री को इस रिश्ते का ख्याल रखते हुए अब यहां से चुनाव लड़ना चाहिए। यदि प्रधानमंत्री इस इलाके से चुनाव लड़ते हैं तो संभव है कि 15 साल पहले अटल सरकार के समय बनी केन बेतवा जल परियोजना जल्द शुरू हो जाए। यहां की मरणासन्न स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ सुधार हो जाए। अनशन स्थल पर हरीओम निषाद, यशपाल सिंह, भागीरथ शर्मा, प्रेम साहू, प्रभुदयाल, अशोक पाटकर आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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