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Mahoba News: ठंड से जोड़ों के दर्द के मरीजों में 50 फीसदी इजाफा
Sat, 22 Nov 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:33 AM IST
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महोबा। ठंड का असर बढ़ते ही जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसम के बदलते मिजाज के साथ लोग घुटनों, कंधों व पीठ के दर्द से परेशान हैं। ठंड और नमी बढ़ने से जिला अस्पताल की ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास मरीजों की भीड़ जुट रही है। पहले जहां 10 से 15 मरीज इस तरह के आ रहे थे। अब उनकी संख्या बढ़कर 20 से 30 हो गई है।
जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. देवप्रकाश सिंह ने बताया कि ठंड की शुरुआत में पुराने जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों की जकड़न आम समस्या बन जाती है। जिन लोगों को पहले चोट या गठिया की परेशानी रही है, उनमें यह समस्या दोबारा बढ़ जाती है। बताया कि तापमान गिरने से नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होकर जोड़ों में जकड़न बढ़ाता है। सामान्य दिनों की अपेक्षा यहां 50 फीसदी अधिक मरीज घुटनों, पीठ व कंधों के दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान कम होने से मांसपेशियों का लचीलापन घट जाता है। इससे दर्द और सूजन की स्थिति बढ़ जाती है।
डॉ. हेमेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह उठते ही कठोर काम न करें, बल्कि हल्की स्ट्रेचिंग व योग के बाद ही दिन की शुरुआत करें। धूप में कुछ समय बिताना और शरीर को गर्म रखना दर्द से राहत का सबसे सरल उपाय है। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग व गठिया रोगी ठंडी जमीन पर न बैठें, नंगे पैर चलने से बचें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। साथ ही संतुलित भोजन, नींद व नियमित दिनचर्या शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार है।
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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. देवप्रकाश सिंह ने बताया कि ठंड की शुरुआत में पुराने जोड़ों का दर्द और मांसपेशियों की जकड़न आम समस्या बन जाती है। जिन लोगों को पहले चोट या गठिया की परेशानी रही है, उनमें यह समस्या दोबारा बढ़ जाती है। बताया कि तापमान गिरने से नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित होकर जोड़ों में जकड़न बढ़ाता है। सामान्य दिनों की अपेक्षा यहां 50 फीसदी अधिक मरीज घुटनों, पीठ व कंधों के दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। सर्दी के मौसम में शरीर का तापमान कम होने से मांसपेशियों का लचीलापन घट जाता है। इससे दर्द और सूजन की स्थिति बढ़ जाती है।
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डॉ. हेमेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह उठते ही कठोर काम न करें, बल्कि हल्की स्ट्रेचिंग व योग के बाद ही दिन की शुरुआत करें। धूप में कुछ समय बिताना और शरीर को गर्म रखना दर्द से राहत का सबसे सरल उपाय है। उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग व गठिया रोगी ठंडी जमीन पर न बैठें, नंगे पैर चलने से बचें और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें। साथ ही संतुलित भोजन, नींद व नियमित दिनचर्या शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार है।
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