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Mahoba News: यूरिया खाद को लेकर मारामारी, 300 किसान लौटे
Mon, 01 Dec 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:26 AM IST
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फोटो 30 एमएएचपी 11 परिचय-साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद लेने के लिए जुटी किसानों की भीड़। संव
अजनर (महोबा)। साधन सहकारी समिति अजनर में शनिवार की देर शाम तक खाद लेने के लिए किसानों की लाइन लगी रहीं। इसके बाद भी 300 किसानों को बिना खाद के ही बैरंग लौटना पड़ा। इससे किसानों में नाराजगी नजर आई।
साधन सहकारी समिति में शुक्रवार को 500 बोरी यूरिया खाद आई थी। शनिवार की सुबह से ही किसान समिति पहुंच गए। भीड़ अधिक होने से समिति में अफरा-तफरी का माहौल रहा। किसानों की लंबी लाइनें लगी रही लेकिन वितरण के दौरान सिर्फ चेकबुक वाले किसानों को ही खाद दी गई। शेष किसान निराश होकर वापस लौट गए। किसानों का कहना है कि डीएपी खाद की तरह यूरिया को लेकर भी हर बार मारामारी होती है। सहकारी समिति के सचिव भूपकिशोर ने बताया कि समिति में कुल 500 बोरी खाद उपलब्ध थी। रिकॉर्ड के आधार पर 125 किसानों को खाद मिल सकी।
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किसानों ने बताई समस्या
अजनर के किसान कैलाश तिवारी का कहना है कि वह सुबह से लाइन में लग गए लेकिन एक-दो गांव के सभी किसानों को एकड के हिसाब से पूरी खाद दी गई जबकि शेष किसान दिनभर चक्कर काटते रहे।
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किसान गोपी राजपूत कहते हैं कि आठ दिन पहले भी खाद बांटी गई थी। अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिली। अब किसानों को फसल के लिए यूरिया की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल रही है।
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साधन सहकारी समिति में शुक्रवार को 500 बोरी यूरिया खाद आई थी। शनिवार की सुबह से ही किसान समिति पहुंच गए। भीड़ अधिक होने से समिति में अफरा-तफरी का माहौल रहा। किसानों की लंबी लाइनें लगी रही लेकिन वितरण के दौरान सिर्फ चेकबुक वाले किसानों को ही खाद दी गई। शेष किसान निराश होकर वापस लौट गए। किसानों का कहना है कि डीएपी खाद की तरह यूरिया को लेकर भी हर बार मारामारी होती है। सहकारी समिति के सचिव भूपकिशोर ने बताया कि समिति में कुल 500 बोरी खाद उपलब्ध थी। रिकॉर्ड के आधार पर 125 किसानों को खाद मिल सकी।
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किसानों ने बताई समस्या
अजनर के किसान कैलाश तिवारी का कहना है कि वह सुबह से लाइन में लग गए लेकिन एक-दो गांव के सभी किसानों को एकड के हिसाब से पूरी खाद दी गई जबकि शेष किसान दिनभर चक्कर काटते रहे।
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किसान गोपी राजपूत कहते हैं कि आठ दिन पहले भी खाद बांटी गई थी। अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिली। अब किसानों को फसल के लिए यूरिया की जरूरत है लेकिन खाद नहीं मिल रही है।

फोटो 30 एमएएचपी 11 परिचय-साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद लेने के लिए जुटी किसानों की भीड़। संव

फोटो 30 एमएएचपी 11 परिचय-साधन सहकारी समिति में यूरिया खाद लेने के लिए जुटी किसानों की भीड़। संव