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ऐंचाना स्कूल की नियुक्ति जांच के घेरे में
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ऐंचाना स्कूल की नियुक्ति जांच के घेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। ऐंचाना पीएपी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तीन वर्ष पहले हुई प्रधानाचार्य और लिपिक की नियुक्ति जांच के दायरे में फिर आ गई। असंवैधानिक तरीके से हुई नियुक्तियों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू हुई जांच को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी ने वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
विकास खंड चरखारी के ग्राम ऐंचाना में संचालित पीएपी पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रबंध तंत्र में चार वर्ष से चल रहे विवाद के बाद स्कूल में हुई दो नियुक्तियों पर भी जांच शुरू हो गई। 5 सितंबर 2018 को ऐंचाना के मनीष तिवारी ने जिलाधिकारी सहदेव को नियुक्तियों के असंवैधानिक तरीके से करने के मामले की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी की समिति बनाकर जांच सौंपी थी। लेकिन जांच रिपोर्ट नियुक्तियों के नियम विपरीत मानते हुए जिलाधिकारी स्तरीय जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए वित्त एवं लेखाधिकारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नियुक्ति मामले की तथ्यात्मक जांच कराये जाने के लिए फिर पत्र लिखा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
महोबा। ऐंचाना पीएपी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तीन वर्ष पहले हुई प्रधानाचार्य और लिपिक की नियुक्ति जांच के दायरे में फिर आ गई। असंवैधानिक तरीके से हुई नियुक्तियों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू हुई जांच को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी ने वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
विकास खंड चरखारी के ग्राम ऐंचाना में संचालित पीएपी पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रबंध तंत्र में चार वर्ष से चल रहे विवाद के बाद स्कूल में हुई दो नियुक्तियों पर भी जांच शुरू हो गई। 5 सितंबर 2018 को ऐंचाना के मनीष तिवारी ने जिलाधिकारी सहदेव को नियुक्तियों के असंवैधानिक तरीके से करने के मामले की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी की समिति बनाकर जांच सौंपी थी। लेकिन जांच रिपोर्ट नियुक्तियों के नियम विपरीत मानते हुए जिलाधिकारी स्तरीय जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़ा करते हुए वित्त एवं लेखाधिकारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नियुक्ति मामले की तथ्यात्मक जांच कराये जाने के लिए फिर पत्र लिखा है।
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