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एक टैंकर के भरोसे 20 हजार की आबादी, टैंकर आते ही टूट पड़ते लोग
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टैंकर से पानी भरने को लेकर मची होड़
- फोटो : MAHOBA
श्रीनगर (महोबा)। कस्बे में पानी को लेकर मारामारी मची है। बीस वर्ष पहले बनी पेयजल योजना धड़ाम होने से बूंद-बूंद पानी को लेकर लोग परेशान हैं। ग्राम पंचायत की ओर से महज एक टैंकर से कस्बे की बीस हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। टैंकर आते ही लोग पानी के लिए टूट पड़ते हैं। प्लास्टिक पाइप डालकर पानी भरे जाने से चंद मिनटों में ही टैंकर खाली हो जाता है। इससे कई लोगों को पानी ही नहीं मिल पाता है।
कस्बा श्रीनगर में लोगों को पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए वर्ष 2000 में योजना चालू की गई थी। वर्ष 2015 तक इसका संचालन जल निगम सिविल शाखा द्वारा किया गया। वर्ष 2016 में शासन के निर्देश पर इस योजना को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया गया, लेकिन देखरेख व मरम्मत के अभाव में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, भीषण गर्मी के चलते लगातार जलस्तर गिरने से अधिकांश हैंडपंप जवाब दे गए हैं। दूर-दराज स्थित इक्का-दुक्का जलस्रोतों से पानी लाकर ग्रामीण प्यास बुझा रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत श्रीनगर द्वारा एक टैंकर से मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। जो नाकाफी है।
ग्रामीण रामप्रकाश, देवीदीन, देवकी, पप्पू आदि का कहना है कि एक टैंकर से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। टैंकर आते ही लोगों की भीड़ एकत्र हो जाती है। जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं, ग्राम प्रधान आशीष राजपूत का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन को सही कराया गया है। इससे तीन मोहल्लों में आपूर्ति हो रही है। हैंडपंपों को सही कराने का कार्य चल रहा है। मोहल्लों में छोटी-छोटी पानी की टंकियां लगाई जाएंगी, जिससे पानी की किल्लत दूर हो सके।
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कस्बा श्रीनगर में लोगों को पेयजल मुहैया कराए जाने के लिए वर्ष 2000 में योजना चालू की गई थी। वर्ष 2015 तक इसका संचालन जल निगम सिविल शाखा द्वारा किया गया। वर्ष 2016 में शासन के निर्देश पर इस योजना को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिया गया, लेकिन देखरेख व मरम्मत के अभाव में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। वहीं, भीषण गर्मी के चलते लगातार जलस्तर गिरने से अधिकांश हैंडपंप जवाब दे गए हैं। दूर-दराज स्थित इक्का-दुक्का जलस्रोतों से पानी लाकर ग्रामीण प्यास बुझा रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत श्रीनगर द्वारा एक टैंकर से मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति कराई जा रही है। जो नाकाफी है।
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ग्रामीण रामप्रकाश, देवीदीन, देवकी, पप्पू आदि का कहना है कि एक टैंकर से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है। टैंकर आते ही लोगों की भीड़ एकत्र हो जाती है। जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं, ग्राम प्रधान आशीष राजपूत का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन को सही कराया गया है। इससे तीन मोहल्लों में आपूर्ति हो रही है। हैंडपंपों को सही कराने का कार्य चल रहा है। मोहल्लों में छोटी-छोटी पानी की टंकियां लगाई जाएंगी, जिससे पानी की किल्लत दूर हो सके।
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