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पेयजल को लेकर त्राहि-त्राहि, 20 रुपये डिब्बा पानी खरीद रहे लोग
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खरेला (महोबा)। कस्बा खरेला की 30 हजार की आबादी बूंद-बूंद पानी को लेकर परेशान है। अर्जुन सागर बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति एक माह से ठप है। कस्बे के 80 फीसदी हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। नगर पंचायत ने हैंडपंप दुरुस्त कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में कस्बावासी 20 रुपये डिब्बा पानी खरीदने को मजबूर हैं। सुबह से देर रात तक कोसों दूर से लोग पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं।
नगर पंचायत खरेला में एक माह से पानी का संकट है। जगह-जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से अर्जुन सागर बांध से होने वाली आपूर्ति ठप है। कस्बे में 418 हैंडपंप लगे हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब है, जो हैंडपंप ठीक है उनसे खारा पानी निकल रहा है। जिससे लोगों को पानी के लिए दो किमी दूर स्थित हैंडपंप व कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान न होने से लोगों में आक्रोश है।
पानी के जुगाड़ में कस्बावासियों का पूरा दिन गुजर जाता है। भोर से ही महिलाएं, बच्चें व पुरुष डिब्बा व बर्तन लेकर गांव के बाहर हैंडपंप पर पहुंच जाते हैं। घंटों इंतजार के बाद उन्हें पानी मिलता है। मंगली बाजार, स्वामीदास, राय सिंह, सादराय, हले आदि वार्डों के लोग 20 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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कस्बे के राजनारायण, महेंद्र सिंह, रविंद्र, मनोज कुमार, समाजसेवी अनुराग सिंह आदि का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट है। हैंडपंप भी दुरुस्त नहीं कराए गए। काम पर जाने के चलते वह 20 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे है।
इन लोगों के पेयजल संकट बना रोजगार
कस्बा खरेला में भीषण पेयजल संकट कुछ लोगों के लिए रोजगार बन गया है। ग्रामीण रिक्शा व साइकिल से दो किमी दूर से डिब्बों में पानी लाते हैं और लोगों को 20 रुपये प्रति डिब्बा के हिसाब से मीठा पानी मुहैया कराते हैं। कस्बे के लक्ष्मण पाल, मुन्ना कुशवाहा, हल्के सिंह, हलकुट्टा, बड्डे कहार समेत 12 से अधिक लोग इस काम में लगे हैं। दिन हो या रात यह लोग गांव के बाहर लगे हैंडपंप से पानी लाकर घर-घर भेजते हैं।
कस्बा खरेला में पेयजल संकट की जानकारी पिछले सप्ताह मिली थी। नगर पंचायत खरेला के ईओ के के सोनकर को हैंडपंप दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। यदि हैंडपंप दुरुस्त नहीं कराए गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। अर्जुन सागर बांध से ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति को 48 घंटे के अंदर शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
पीयूष जायसवाल
एसडीएम, चरखारी
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नगर पंचायत खरेला में एक माह से पानी का संकट है। जगह-जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से अर्जुन सागर बांध से होने वाली आपूर्ति ठप है। कस्बे में 418 हैंडपंप लगे हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब है, जो हैंडपंप ठीक है उनसे खारा पानी निकल रहा है। जिससे लोगों को पानी के लिए दो किमी दूर स्थित हैंडपंप व कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान न होने से लोगों में आक्रोश है।
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पानी के जुगाड़ में कस्बावासियों का पूरा दिन गुजर जाता है। भोर से ही महिलाएं, बच्चें व पुरुष डिब्बा व बर्तन लेकर गांव के बाहर हैंडपंप पर पहुंच जाते हैं। घंटों इंतजार के बाद उन्हें पानी मिलता है। मंगली बाजार, स्वामीदास, राय सिंह, सादराय, हले आदि वार्डों के लोग 20 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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कस्बे के राजनारायण, महेंद्र सिंह, रविंद्र, मनोज कुमार, समाजसेवी अनुराग सिंह आदि का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट है। हैंडपंप भी दुरुस्त नहीं कराए गए। काम पर जाने के चलते वह 20 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे है।
इन लोगों के पेयजल संकट बना रोजगार
कस्बा खरेला में भीषण पेयजल संकट कुछ लोगों के लिए रोजगार बन गया है। ग्रामीण रिक्शा व साइकिल से दो किमी दूर से डिब्बों में पानी लाते हैं और लोगों को 20 रुपये प्रति डिब्बा के हिसाब से मीठा पानी मुहैया कराते हैं। कस्बे के लक्ष्मण पाल, मुन्ना कुशवाहा, हल्के सिंह, हलकुट्टा, बड्डे कहार समेत 12 से अधिक लोग इस काम में लगे हैं। दिन हो या रात यह लोग गांव के बाहर लगे हैंडपंप से पानी लाकर घर-घर भेजते हैं।
कस्बा खरेला में पेयजल संकट की जानकारी पिछले सप्ताह मिली थी। नगर पंचायत खरेला के ईओ के के सोनकर को हैंडपंप दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। यदि हैंडपंप दुरुस्त नहीं कराए गए हैं तो कार्रवाई की जाएगी। अर्जुन सागर बांध से ठप पड़ी पेयजल आपूर्ति को 48 घंटे के अंदर शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
पीयूष जायसवाल
एसडीएम, चरखारी