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15 दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Mon, 06 Feb 2017 10:25 PM IST
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ग्रीनपार्क कॉलोनी में घर में लगे सबमर्सिबल से निकलते गर्म पानी को दिखाते शिशुपाल सिंह।
- फोटो : Amar Ujala
चुनावी धमाचौकड़ी में 15 दिनों बाद भी जले मोटरों के न बदले जाने से कस्बा की पेयजल आपूर्ति ठप है। बूंद बूंद पानी के लिए जनता को मशक्कत करनी पड़ रही है। जिम्मेदार महकमे की उदासीनता के कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
नगर पंचायत खरेला कस्बा की पेयजल आपूर्ति 15 दिनों से ठप है। पंप हाउस में लगे दोनों मोटर जल जाने के कारण उन्हें बदला नहीं गया। न ही उसकी महकमे ने मरम्मत कराई। बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझते ग्रामीणों ने जल संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों को भी अवगत कराया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। करीब 30 हजार से अधिक की आबादी में पेयजल का संकट बरकरार है।
व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष राजू गुप्ता, मेवालाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रोशन सिंह ने बताया कि 15 दिनों से जले मोटरों की मरम्मत कराने के लिए जल संस्थान के जेई से लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन फिर भी मोटर नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि अगर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त न कराई गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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नगर पंचायत खरेला कस्बा की पेयजल आपूर्ति 15 दिनों से ठप है। पंप हाउस में लगे दोनों मोटर जल जाने के कारण उन्हें बदला नहीं गया। न ही उसकी महकमे ने मरम्मत कराई। बूंद-बूंद पानी के संकट से जूझते ग्रामीणों ने जल संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों को भी अवगत कराया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। करीब 30 हजार से अधिक की आबादी में पेयजल का संकट बरकरार है।
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व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष राजू गुप्ता, मेवालाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रोशन सिंह ने बताया कि 15 दिनों से जले मोटरों की मरम्मत कराने के लिए जल संस्थान के जेई से लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन फिर भी मोटर नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि अगर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त न कराई गई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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