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जिले भर में बिना मान्यता के संचालित हैं 13 मदरसा
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जामिया इस्लामिया दारुल उलूम में शिक्षकों से पूछताछ करते अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। प्रेम नगर स्थित मदरसे से तीन बच्चों के आधी रात भागने के बाद शुरू हुई जांच बिना मान्यता चल रहे मदरसों की तरफ बढ़ गई है। डीएम के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के नेतृत्व में गठित की गई जांच में जिले भर में 13 मदरसे वर्षों से बिना मान्यता के संचालित पाए गए हैं। अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
कई साल से बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों को न तो सरकार की ओर अनुदान मिलता है और न ही संचालन का आदेश है। बिना किसी सहायता के संचालित मदरसों के लिए धन कहां से आ रहा है, यह अबूझ पहेली है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में मिले 13 मदरसों के अलावा भी छोटे-छोटे मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि डीएम के निर्देश पर मदरसों की जांच कराई गई है।
इसमें पाया गया कि 13 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। मदरसों को सरकार द्वारा कोई सहायता नहीं मिल रही है फिर भी मदरसों का संचालन कैसे हो रहा, फंडिंग को लेकर इनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। मदरसों की उच्चस्तरीय जांच के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।
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बच्चों को नहीं पता अपने देश का नाम
जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर से आधी रात को बच्चों के भागने को लेकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जांच करने पहुंचे तो चौंकाने वाले बाते सामने आईं। उन्होंने बच्चों से पूछा कि आपके देश का नाम क्या है तो नहीं बता सके। इतना ही नहीं छात्र हिंदी में नाम भी नहीं लिख सके। वहीं मजहबी सवालों के तुरंत जवाब दिए। इसके उन्होंने मदरसे का भ्रमण किया तो करीब दस कमरे बंद थे, जिनके ताले नहीं खोले गए। उन कमरों को खोलने से इंकार कर दिया गया।
पहले भी विवादों में रहा है मदरसा
करीब तीन पहले जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर का छात्र प्रेमनगर से एक लड़की को अपने साथ ले गया था। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने जमकर हंगामा काटा था। जिला महामंत्री वीएचपी के मयंक तिवारी ने बताया कि उस समय डीएम को पत्र देकर मदरसों की भूमि और छात्रों का रिकार्ड दर्ज कराया जाए। इनकी गतिविधियां संदिग्ध है। इनको सीज कर बंद कराया जाए।
जिले में यह मदरसा बिना मान्यता के चल रहे
कबरई ब्लॉक अंतर्गत मदरसा गौसिया रजविया काजीपुरा, मदरसा दारुल किरत हनफिया मगरियापुरा पुलिस चौकी महोबा, मदरसा ताजुबूसरिया मुकेरीपुरा, मदरसा सिद्दीकिया शाह पहाड़ी महोबा, जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर चरखारी रोड, मदरसा इस्लामिया निस्वां मिल्कीपुरा। जैतपुर ब्लॉक में जीनतुल कुरआन कुलपहाड़, नूरी जामा मस्जिद अजनर, इस्लामियां स्कूल पुलिस चौकी के पीछे बेलाताल, इमामे आजम अबू हनीफा जुगियाना बेलाताल। चरखारी ब्लॉक में हजरत फतेह शहीद शाह रहमतुल्लाह अर्लेह मकतब तकिया मोहल्ला सूपा, मकतब स्लामियां स्कूल खरेला, मदरसातुल मदीना दारुल हिफ्जोकिरात कजियाना चरखारी मदरसा बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
मदरसों की जांच कराई गई है, जिसमें बिना मान्यता संचालित होेने वाले संस्थान मिले हैं। इसको लेकर मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है। अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी-सत्येंद्र कुमार, डीएम।
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कई साल से बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों को न तो सरकार की ओर अनुदान मिलता है और न ही संचालन का आदेश है। बिना किसी सहायता के संचालित मदरसों के लिए धन कहां से आ रहा है, यह अबूझ पहेली है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच में मिले 13 मदरसों के अलावा भी छोटे-छोटे मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि डीएम के निर्देश पर मदरसों की जांच कराई गई है।
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इसमें पाया गया कि 13 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। मदरसों को सरकार द्वारा कोई सहायता नहीं मिल रही है फिर भी मदरसों का संचालन कैसे हो रहा, फंडिंग को लेकर इनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। मदरसों की उच्चस्तरीय जांच के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।
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बच्चों को नहीं पता अपने देश का नाम
जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर से आधी रात को बच्चों के भागने को लेकर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जांच करने पहुंचे तो चौंकाने वाले बाते सामने आईं। उन्होंने बच्चों से पूछा कि आपके देश का नाम क्या है तो नहीं बता सके। इतना ही नहीं छात्र हिंदी में नाम भी नहीं लिख सके। वहीं मजहबी सवालों के तुरंत जवाब दिए। इसके उन्होंने मदरसे का भ्रमण किया तो करीब दस कमरे बंद थे, जिनके ताले नहीं खोले गए। उन कमरों को खोलने से इंकार कर दिया गया।
पहले भी विवादों में रहा है मदरसा
करीब तीन पहले जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर का छात्र प्रेमनगर से एक लड़की को अपने साथ ले गया था। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने जमकर हंगामा काटा था। जिला महामंत्री वीएचपी के मयंक तिवारी ने बताया कि उस समय डीएम को पत्र देकर मदरसों की भूमि और छात्रों का रिकार्ड दर्ज कराया जाए। इनकी गतिविधियां संदिग्ध है। इनको सीज कर बंद कराया जाए।
जिले में यह मदरसा बिना मान्यता के चल रहे
कबरई ब्लॉक अंतर्गत मदरसा गौसिया रजविया काजीपुरा, मदरसा दारुल किरत हनफिया मगरियापुरा पुलिस चौकी महोबा, मदरसा ताजुबूसरिया मुकेरीपुरा, मदरसा सिद्दीकिया शाह पहाड़ी महोबा, जामिया इस्लामिया दारुल उलूम प्रेमनगर चरखारी रोड, मदरसा इस्लामिया निस्वां मिल्कीपुरा। जैतपुर ब्लॉक में जीनतुल कुरआन कुलपहाड़, नूरी जामा मस्जिद अजनर, इस्लामियां स्कूल पुलिस चौकी के पीछे बेलाताल, इमामे आजम अबू हनीफा जुगियाना बेलाताल। चरखारी ब्लॉक में हजरत फतेह शहीद शाह रहमतुल्लाह अर्लेह मकतब तकिया मोहल्ला सूपा, मकतब स्लामियां स्कूल खरेला, मदरसातुल मदीना दारुल हिफ्जोकिरात कजियाना चरखारी मदरसा बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
मदरसों की जांच कराई गई है, जिसमें बिना मान्यता संचालित होेने वाले संस्थान मिले हैं। इसको लेकर मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा गया है। अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी-सत्येंद्र कुमार, डीएम।