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कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान दो किसान फांसी पर झूले
Updated Tue, 17 Jul 2018 09:24 PM IST
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पनवाड़ी/अजनर। जिले में कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान दो किसानों ने फांसी पर झूलकर जान दे दी। एक किसान कर्ज और मर्ज से परेशान था जबकि दूसरे किसान ने सब्जी की फसल सूख जाने और आर्थिक तंगी से फांसी लगा ली। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्राम सलैया खालसा निवासी हरीराम (70) पुत्र कामता प्रसाद ने दो साल पहले डेढ़ लाख रुपये इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था। किसान के पास 10 बीघा जमीन थी। किसान का कर्ज बढ़कर करीब दो लाख रुपये हो गया था। दो साल से सूखे के चलते फसल की पैदावार न होने से किसान खासा परेशान था। इधर आंख के अंदर जख्म से भी वह खासा परेशान रहता था। इधर कर्जमाफी की श्रेणी में आने के बाद भी उसका कर्ज माफ न होने और बीमारी बढ़ते जाने से आहत होकर उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे धर्मवीर ने बताया कि दो साल से फसल की पैदावार न होने और इस साल खेतों में बुुआई न होने से भी काफी चिंतित थे। जिससे उन्होंने मौत को गले लगा लिया।
अजनर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम नगाराडांग निवासी मोहनलाल (45) पुत्र कमला गुप्ता ने सोमवार की रात मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजन जागे तो दरवाजा खोलकर देखने पर मोहनलाल का शव फांसी के फंदे पर झूूलता मिला। मृतक के बेटे राममिलन ने बताया कि उसके पिता के पास छह बीघा जमीन थी, जिसमें सब्जी की खेती की थी लेकिन बारिश न होने से सब्जी की फसल सूख गई थी। जिससे उसके पिता परेशान रहते थे। उन्हें दूसरी पुत्री खूशबू की शादी की चिंता भी सता रही थी। कई वर्षों से बेहतर पैदावार न होने से परिवार से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मृतक के दो पुत्री व तीन पुत्र है। जिनमें से बड़ी पुत्री लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।
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कर्ज से परेशान दो किसान फांसी पर झूले
-एक किसान बैंक के कर्ज और मर्ज से तो दूसरा फसल सूखने से था परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राम सलैया खालसा निवासी हरीराम (70) पुत्र कामता प्रसाद ने दो साल पहले डेढ़ लाख रुपये इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था। किसान के पास 10 बीघा जमीन थी। किसान का कर्ज बढ़कर करीब दो लाख रुपये हो गया था। दो साल से सूखे के चलते फसल की पैदावार न होने से किसान खासा परेशान था। इधर आंख के अंदर जख्म से भी वह खासा परेशान रहता था। इधर कर्जमाफी की श्रेणी में आने के बाद भी उसका कर्ज माफ न होने और बीमारी बढ़ते जाने से आहत होकर उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे धर्मवीर ने बताया कि दो साल से फसल की पैदावार न होने और इस साल खेतों में बुुआई न होने से भी काफी चिंतित थे। जिससे उन्होंने मौत को गले लगा लिया।
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अजनर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम नगाराडांग निवासी मोहनलाल (45) पुत्र कमला गुप्ता ने सोमवार की रात मकान के कमरे में पंखे के छल्ले से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजन जागे तो दरवाजा खोलकर देखने पर मोहनलाल का शव फांसी के फंदे पर झूूलता मिला। मृतक के बेटे राममिलन ने बताया कि उसके पिता के पास छह बीघा जमीन थी, जिसमें सब्जी की खेती की थी लेकिन बारिश न होने से सब्जी की फसल सूख गई थी। जिससे उसके पिता परेशान रहते थे। उन्हें दूसरी पुत्री खूशबू की शादी की चिंता भी सता रही थी। कई वर्षों से बेहतर पैदावार न होने से परिवार से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। मृतक के दो पुत्री व तीन पुत्र है। जिनमें से बड़ी पुत्री लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुट गई है।
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कर्ज से परेशान दो किसान फांसी पर झूले
-एक किसान बैंक के कर्ज और मर्ज से तो दूसरा फसल सूखने से था परेशान
अमर उजाला ब्यूरो