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Maharajganj News: आवाज के नमूने से अपराधियों की पहचान करेगा ''यक्ष''
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आनंदनगर जीआरपी ने फीड कराई हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली
रेल अपराधों पर ''यक्ष'' की पैनी नजर, जीआरपी कर रही एआई फीडिंग
महराजगंज। रेल में अपराध करने वालों पर अब यक्ष एप के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जीआरपी आनंद नगर की तरफ से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैस यक्ष एप पर आनंद नगर रेलवे थाना ने आठ हिस्ट्रीशीटरों के साथ 115 अपराधियों का विवरण फीडिंग पूरी कर लिया है। अब वायस सैंपल (आवाज नमूना) अपलोड किए जा रहे हैं। आवाज के नमूने से ही यक्ष एप से अपराधियों की पहचान की जा सकेगी।
रेलगाड़ियों के साथ साथ रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर सुरक्षा दायरा मजबूत किया जा रहा। आने वाले मई महीने से राज्य के किसी भी रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म या ट्रेन में किसी प्रकार की वारदात होती है तो जीआरपी सबसे पहले यक्ष की मदद से उनकी कुंडली से साक्ष्य मिलान करेगी जो कभी रेलवे अपराध मामले में जीआरपी के हत्थे चढ़े या जिनपर किसी भी अपराध का अभियोग पंजीकृत रहा। चंद सेकेंड की इस मैचिंग के जरिये जीआरपी यह सुनिश्चित कर सकेगी कि ताजा घटना क्रम में क्या कोई पुराना अपराधी तो नहीं शरीक है। अगर किसी पुराने अपराधी से घटना का तरीका, घटना स्थल पर कैद अपराधी की आवाज, फोटो या अन्य किसी भी क्लू की मिलान हो जाती है तो उन तक जीआरपी की सीधी पहुंच होगी।
छोटी से छोटी गतिविधि रियल टाइम अपडेट
आनंद नगर जीआरपी थानाध्यक्ष पंकज यादव के मुताबिक जीआरपी प्लेटफार्म के साथ ट्रेनाें में सक्रिय अपराधियों की कुंडली अब कंप्यूटर पर ला रही है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) यक्ष एप पर डाटा अपलोड कर रही है। इस एप में अपराधियों का नाम-पता, फोटो, फिंगर प्रिंट और वॉयस सैंपल के साथ अन्य विवरण दर्ज किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त एप से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। आनंदनगर थाने के रिकार्ड की लगभग 95 फीसदी अपलोडिंग पूरी हो चुकी है। कुछ अपराधियों के वायस सेंपल की अपलोडिंग ही शेष बची है। एप को जीआरपी रियल टाइम अपडेट करती रहेगी जिससे अपराधी की मृत्यु या किसी मामले में फैसला, जमानत निरस्त कर जेल भेजने जैसे छोटे-छोटे बदलाव भी पता चल सकेंगे।
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वर्जन
प्रदेश स्तर पर लांच यक्ष एप पर अनुभाग के सभी अपराधियों का संपूर्ण दर्ज किया जा रहा है। अपराधी अब कहीं भी अपराध करेगा तो इस एप के डेटा से मिलान की सहूलियत उपलब्ध रहेगी जो पहले नहीं थी।
- लक्ष्मी निवास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, जीआरपी गोरखपुर अनुभाग
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रेल अपराधों पर ''यक्ष'' की पैनी नजर, जीआरपी कर रही एआई फीडिंग
महराजगंज। रेल में अपराध करने वालों पर अब यक्ष एप के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जीआरपी आनंद नगर की तरफ से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैस यक्ष एप पर आनंद नगर रेलवे थाना ने आठ हिस्ट्रीशीटरों के साथ 115 अपराधियों का विवरण फीडिंग पूरी कर लिया है। अब वायस सैंपल (आवाज नमूना) अपलोड किए जा रहे हैं। आवाज के नमूने से ही यक्ष एप से अपराधियों की पहचान की जा सकेगी।
रेलगाड़ियों के साथ साथ रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर सुरक्षा दायरा मजबूत किया जा रहा। आने वाले मई महीने से राज्य के किसी भी रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म या ट्रेन में किसी प्रकार की वारदात होती है तो जीआरपी सबसे पहले यक्ष की मदद से उनकी कुंडली से साक्ष्य मिलान करेगी जो कभी रेलवे अपराध मामले में जीआरपी के हत्थे चढ़े या जिनपर किसी भी अपराध का अभियोग पंजीकृत रहा। चंद सेकेंड की इस मैचिंग के जरिये जीआरपी यह सुनिश्चित कर सकेगी कि ताजा घटना क्रम में क्या कोई पुराना अपराधी तो नहीं शरीक है। अगर किसी पुराने अपराधी से घटना का तरीका, घटना स्थल पर कैद अपराधी की आवाज, फोटो या अन्य किसी भी क्लू की मिलान हो जाती है तो उन तक जीआरपी की सीधी पहुंच होगी।
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छोटी से छोटी गतिविधि रियल टाइम अपडेट
आनंद नगर जीआरपी थानाध्यक्ष पंकज यादव के मुताबिक जीआरपी प्लेटफार्म के साथ ट्रेनाें में सक्रिय अपराधियों की कुंडली अब कंप्यूटर पर ला रही है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) यक्ष एप पर डाटा अपलोड कर रही है। इस एप में अपराधियों का नाम-पता, फोटो, फिंगर प्रिंट और वॉयस सैंपल के साथ अन्य विवरण दर्ज किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त एप से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। आनंदनगर थाने के रिकार्ड की लगभग 95 फीसदी अपलोडिंग पूरी हो चुकी है। कुछ अपराधियों के वायस सेंपल की अपलोडिंग ही शेष बची है। एप को जीआरपी रियल टाइम अपडेट करती रहेगी जिससे अपराधी की मृत्यु या किसी मामले में फैसला, जमानत निरस्त कर जेल भेजने जैसे छोटे-छोटे बदलाव भी पता चल सकेंगे।
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प्रदेश स्तर पर लांच यक्ष एप पर अनुभाग के सभी अपराधियों का संपूर्ण दर्ज किया जा रहा है। अपराधी अब कहीं भी अपराध करेगा तो इस एप के डेटा से मिलान की सहूलियत उपलब्ध रहेगी जो पहले नहीं थी।
- लक्ष्मी निवास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, जीआरपी गोरखपुर अनुभाग