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Maharajganj News: पोषण ट्रैकर्स पर सत्यापन में कार्यकर्ता झेल रहे परेशानी
Tue, 22 Jul 2025 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:45 AM IST
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महराजगंज। आंगनबाड़ी से पुष्टाहार पाने वाली लाभार्थियों को पोषण ट्रैकर एप के जरिए सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ट्रैकर सत्यापन के दौरान बिंदी लगाने और हिजाब पहनने के कारण महिलाओं का चेहरा सत्यापित नहीं हो पा रहा है। आंगनबाड़ी सहायिका व मिनी आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने इसकी शिकायत विभाग से की है।
जनपद में आंगनबाड़ी की 12,362 लाभार्थी ऐसी हैं जो स्तनपान कराती हैं और विभाग उनके बच्चों को सुपोषित करने के लिए पूरक पोषण उपलब्ध कराता है। पोषाहार लेने के लिए पोषण ट्रैकर एप पर चेहरा सत्यापित कराया जा रहा है। चेहरा सत्यापित करने के लिए महिलाओं को चेहरे से बिंदी और हिजाब हटाना पड़ रहा है। बिंदी और हिजाब के साथ चेहरे का मिलान नहीं हो पा रहा है।
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इससे पंजीकरण रफ्तार भी सुस्त बनी हुई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक ट्रैकर एप पर अभी तक सिर्फ 65 फीसदी के आसपास ही लाभार्थियों का पंजीकरण हो सका है जबकि इसे प्रभावी हुए दूसरा माह प्रारंभ हो चुका है। आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी संघ जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने बताया कि पंजीकरण में फोटो का मिलान नहीं होने की समस्या से कार्यकर्ता परेशान हैं। संवाद
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ट्रैकर सत्यापन के दौरान बिंदी लगाने और हिजाब पहनने के कारण महिलाओं का चेहरा सत्यापित नहीं हो पा रहा है। आंगनबाड़ी सहायिका व मिनी आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने इसकी शिकायत विभाग से की है।
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जनपद में आंगनबाड़ी की 12,362 लाभार्थी ऐसी हैं जो स्तनपान कराती हैं और विभाग उनके बच्चों को सुपोषित करने के लिए पूरक पोषण उपलब्ध कराता है। पोषाहार लेने के लिए पोषण ट्रैकर एप पर चेहरा सत्यापित कराया जा रहा है। चेहरा सत्यापित करने के लिए महिलाओं को चेहरे से बिंदी और हिजाब हटाना पड़ रहा है। बिंदी और हिजाब के साथ चेहरे का मिलान नहीं हो पा रहा है।
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इससे पंजीकरण रफ्तार भी सुस्त बनी हुई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक ट्रैकर एप पर अभी तक सिर्फ 65 फीसदी के आसपास ही लाभार्थियों का पंजीकरण हो सका है जबकि इसे प्रभावी हुए दूसरा माह प्रारंभ हो चुका है। आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी संघ जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने बताया कि पंजीकरण में फोटो का मिलान नहीं होने की समस्या से कार्यकर्ता परेशान हैं। संवाद