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Maharajganj News: बी गैप बांध पर काम पूरा, संवेदनशील ठोकरों पर बढ़ाई निगरानी
Thu, 20 Jun 2024 05:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:07 AM IST
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निचलौल। नेपाल राष्ट्र के नवलपरासी जिला अंतर्गत सुस्ता गांव पालिका से सटे होकर बहने वाली नारायणी गंडक नदी के बांधों को सुरक्षित रखने के लिए हर वर्ष भारत सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर बांध की मरम्मत कराती है। इस वर्ष भी लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च कर बांधों की मरम्मत कार्य शुरू कराया गया था। जिसे विभाग के जिम्मेदारों की ओर से लगभग नियत समय के करीब पूरा करने का दावा कर संवेदनशील ठोकरों पर निगरानी तेज करने की बात कही जा रही है। फिलहाल बांध की मरम्मत कार्य की पहाड़ों पर होने वाली मूसलाधार बारिश के बाद ही खुलेगी।
नारायणी नदी से सटे गांव निवासी कन्हैया खरवार, कृष्णा सहानी, फिरोज, रामेश्वर साहू आदि ने बताया की सिंचाई विभाग के जिम्मेदार हर वर्ष बी गैप बांध पर काफी देर से कार्य शुरू करते थे, जिसके चलते बांध पर काम पूरा होने से पहले ही नदी की जलस्तर बढ़ जाती थी। फिर जिम्मेदार आधा-अधूरा कार्य कर कोरम पूरा कर पीठ थपथपाने लगते थे। लेकिन इस बार जिम्मेदारों ने समय से मरम्मत कार्य शुरू कर लगभग नियत समय के आस पास बांध पर निर्माण कार्य को पूरा कर लिया है। वही इस वर्ष अभी तक पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश न होने की वजह से नदी का जलस्तर भी काफी कम है।
आने वाले दिनों में शुरुआती बारिश के साथ नदी के बढ़ते जलस्तर जिम्मेदारों के कार्य की गुणवत्ता बताते हुए पोल खोलेंगे। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होने के बाद नदी से सटे नेपाल राष्ट्र के गांव रतनगंज, महलवारी, तरैनी, सेमरी, नर्सही, कुडिया सहित दर्जनों गांव को प्रभावित करती है। इतना ही नही भारत के महराजगंज और कुशीनगर जिले के भी तमाम गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यही कारण है की इस बार जिम्मेदार बी-गैप पर कार्य पूरा करने के साथ ही संवेदनशील बांधों पर निगरानी बढ़ाई दी है।
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बी-गैप बांध पर तैनात सिंचाई विभाग द्वितीय के असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से नारायणी नदी के ठोकर संख्या 9 व 10 के बीच पैचिंग, स्तर 13 पर टेट्रा पोड, 15 पर जेफरन के अलावा 13 व 14 के बीच में मरम्मत कार्य शुरू कराया गया था। जिसे समय के अंदर ही पूरा कर लिया गया है। अब संवेदनशील ठोकरों की लगातार जांच परख की जा रही है। नदी की पानी से किसी भी प्रकार की होने वाली क्षति को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
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नारायणी नदी से सटे गांव निवासी कन्हैया खरवार, कृष्णा सहानी, फिरोज, रामेश्वर साहू आदि ने बताया की सिंचाई विभाग के जिम्मेदार हर वर्ष बी गैप बांध पर काफी देर से कार्य शुरू करते थे, जिसके चलते बांध पर काम पूरा होने से पहले ही नदी की जलस्तर बढ़ जाती थी। फिर जिम्मेदार आधा-अधूरा कार्य कर कोरम पूरा कर पीठ थपथपाने लगते थे। लेकिन इस बार जिम्मेदारों ने समय से मरम्मत कार्य शुरू कर लगभग नियत समय के आस पास बांध पर निर्माण कार्य को पूरा कर लिया है। वही इस वर्ष अभी तक पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश न होने की वजह से नदी का जलस्तर भी काफी कम है।
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आने वाले दिनों में शुरुआती बारिश के साथ नदी के बढ़ते जलस्तर जिम्मेदारों के कार्य की गुणवत्ता बताते हुए पोल खोलेंगे। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होने के बाद नदी से सटे नेपाल राष्ट्र के गांव रतनगंज, महलवारी, तरैनी, सेमरी, नर्सही, कुडिया सहित दर्जनों गांव को प्रभावित करती है। इतना ही नही भारत के महराजगंज और कुशीनगर जिले के भी तमाम गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। यही कारण है की इस बार जिम्मेदार बी-गैप पर कार्य पूरा करने के साथ ही संवेदनशील बांधों पर निगरानी बढ़ाई दी है।
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बी-गैप बांध पर तैनात सिंचाई विभाग द्वितीय के असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से नारायणी नदी के ठोकर संख्या 9 व 10 के बीच पैचिंग, स्तर 13 पर टेट्रा पोड, 15 पर जेफरन के अलावा 13 व 14 के बीच में मरम्मत कार्य शुरू कराया गया था। जिसे समय के अंदर ही पूरा कर लिया गया है। अब संवेदनशील ठोकरों की लगातार जांच परख की जा रही है। नदी की पानी से किसी भी प्रकार की होने वाली क्षति को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।